Tuesday, September 14, 2021

JEECUP Counselling 2021 : यूपी पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए काउंसलिंग शुरू, ध्यान रखें ये 10 खास बातें

 
JEECUP Counselling 2021 : यूपी पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए काउंसलिंग शुरू, ध्यान रखें ये 10 खास बातें

JEECUP Counselling 2021 : संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2021 का परिणाम जारी किए जाने के एक दिन बाद मंगलवार से काउंसलिंग का दौर शुरू हो गया। पहले से आठवें चरण तक पूरी काउंसलिंग ऑनलाइन करायी जाएगी। संयुक्त प्रवेश परिक्षा परिषद निदेशक सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कोविड 19 महामारी को देखते हुए ऐसी व्यवस्था की गई है कि अभ्यर्थी अपने जनपद से ही काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। प्रथम चरण की काउंसलिंग 14 से 16 सितम्बर तक सिर्फ उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए होगी। सीट चयन और लॉक शाम 6 बजे तक किया जा सकेगा। 16 सितम्बर को सीट आवंटित कर दी जाएगी। दूसरे चरण की कांउसिलिंग 20 सितम्बर शाम 6 बजे तक, तीसरे चरण की काउंसिलिंग 24 सितम्बर से 26 सितम्बर  तक होगी। तीनों ही चरणों की कांउसिलिंग में अभिलेख सत्यापन सभी जनपदों में बने सहायता केन्द्रों पर किया जा सकेगा। अभ्यर्थी अपने जनपद में ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।



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यहां जानें काउंसलिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें 

- उपरोक्त तीनों चरणों में पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थी केवल पंजीकरण के चरण में ही विकल्प भर सकेंगे। अगले चरण में अभ्यर्थी द्वारा भरी गई पूर्व चरण के सीट विकल्पों के आधार पर ही आवंटन किया जायेगा। भरी गई सीटों में कोई सुधार/परिवर्तन सम्भव नहीं होगा। अतः विगत वर्ष-2020 की ओपनिंग और क्लोजिगं रैंक का अध्ययन कर अधिकाधिक विकल्पों का चयन करना उचित होगा।


2. प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में डाक्यूमेन्ट वेरीफिकेशन प्रदेश के सभी जनपदों में बने सहायता केन्द्रों पर किया जायेगा। अभ्यर्थी अपने जनपद में ही प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकंगे।

3. प्रथम तीन चरण कवेल उत्तर प्रदेश राज्य के संयुक्त प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग तथा प्रवेश के लिए है। अन्य राज्य के अभ्यर्थी चतुर्थ चरण की काउन्सिलिगं से भाग ले सकते हैं।



4. सीट आवंटन के पश्चात फ्लोट/फ्रीज विकल्प का चयन करना होगा। फ्लोट विकल्प का चयन करने की स्थिति में  अभ्यर्थी को रु 3000/- सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। फ्रीज विकल्प का चयन करने की दशा में अभिलेख सत्यापन हेतु जनपद में बने सहायता केन्द्र पर जाना होगा। डाक्यूमेन्ट वेरीफिकेशन के पश्चात संस्था का प्रवेश शुल्क आनलाइन जमा करने की कार्यवाही पूर्ण करनी होगी।

5. प्रथम चरण में सीट आवंटन के पश्चात यदि कोई अभ्यर्थी फ्लोट विकल्प के चयन के पश्चात सिक्योरिटी राशि नहीं जमा करता है तो वह द्वितीय व तृतीय चरण की काउन्सिलिंग के लिए पात्र नहीं होगा। इसी प्रकार फ्रीज विकल्प का चयन करने के पष्चात यदि अभ्यर्थी डाक्यूमेन्ट वेरीफिकेशन नहीं कराता है अथवा प्रवेश शुल्क निर्धारित अवधि में जमा नहीं करता है तो वह द्वितीय व तृतीय चरण की काउन्सिलिंग के लिए पात्र नहीं होगा। ऐसे अभ्यर्थी चतुर्थ चरण में पुनः काउन्सिलिंग में भाग ले सकते हैं। इसी प्रकार द्वितीय चरण की काउन्सिलिंग में भी यह प्रक्रिया लागू होगी।


6. डाक्यूमेन्ट वेरीफिकेशन के पश्चात राजकीय तथा अनुदानित पालीटेक्निक संस्थाओं के अभ्यर्थी अपने लॉगिन से सम्पूर्ण षुल्क जमा करेगं।े निजी पालीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेषित अभ्यर्थी केवल रु 3000/- अपने लॉगिन के माध्यम से प्रत्येक चरण के निधारित तिथि तथा समय तक जमा करेगें। शेष शुल्क अभ्यर्थी संस्था में उपस्थित होकर जमा करेगें।

7. यदि संयुक्त प्रवेष परीक्षा-2021 में उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रथम चरण में रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है तो वह द्वितीय चरण में रजिस्ट्रेशन कराकर काउन्सिलिगं में भाग ले सकता है। इसी प्रकार द्वितीय चरण तक रजिस्ट्रेशन न कराने वाले अभ्यर्थी तृतीय चरण में रजिस्ट्रेशन कराकर काउन्सिलिंग में भाग ले सकता है।

8. रजिस्ट्रेशन के समय अभ्यर्थी को डाक्यूमेन्ट वेरीफिकेशन के लिए एक जनपद का चुनाव करना होगा और आवंटित पालीटेक्निक संस्था में मूल अभिलेखों तथा एक-एक छायाप्रति के साथ आवंटन के चरण की निर्धारित तिथियों में ही उपस्थित होगा अन्यथा उसका आवंटन निरस्त माना जायेगा।


9. प्रवेशित सीट को छोड़ने  की स्थिति में आवंटित संस्था एवं पाठ्यक्रम पूर्णतया
निरस्त हो जायेगा एवं जमा किया गया सम्पूर्ण प्रवेश शुल्क वापस कर दिया जायेगा, परन्तु ऐसे अभ्यर्थी काउन्सिलिंग के समस्त चरणों से बाहर हो जायेंगे एवं किसी भी दशा में सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए पात्र नहीं होंगे। 

10. प्रवेश परीक्षा परिणाम के आधार पर 54 हजार सीट का खाली रहना तय है। इसके बाद मनपसंद ट्रेड नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेंगे इसीलिए भी रिक्त सीटों की संख्या बढ़ सकती है। सत्र 2020-21 में पॉलीटेक्निक की एक लाख से ज्यादा सीट खाली रह गई थीं