Friday, September 10, 2021

एयरफोर्स और आईआईटी कानपुर के बीच एमओयू, एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में मिलेगी मदद

 
एयरफोर्स और आईआईटी कानपुर के बीच एमओयू, एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में मिलेगी मदद



भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने अकादमिक और अनुसंधान के क्षेत्र में तकनीक के आदान प्रदान के लिए भारतीय वायुसेना के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय वायु सेना और आईआईटी कानपुर के बीच आठ सितम्बर को नई दिल्ली स्थित वायुसेना मुख्यालय में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

संस्थान के निदेशक अभय करंदीकर ने शुक्रवार को बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य अकादमिक और अनुसंधान-आधारित बातचीत और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना है ताकि ज्ञान के विकास को बढ़ावा दिया जा सके और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नवाचारों को बढ़ावा दिया जा सके।

आईआईटी कानपुर और भारतीय वायु सेना के बीच यह महत्वपूर्ण साझेदारी नए आयाम स्थापित करेगी और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करेगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होने कहा “ हमें अनुसंधान और प्रशिक्षण में सहयोग के लिए भारतीय वायु सेना से जुड़े होने पर गर्व है। हमें उम्मीद है कि हम चेयर ऑफ़ एक्सीलेंस की उत्कृष्ट पथ-प्रदर्शक अनुसंधान पहल के साथ इस क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेंगे।”


चेयर ऑफ एक्सीलेंस एरोनॉटिक्स और एविएशन के क्षेत्र में एयरोस्पेस टेक्नोलॉजीज, एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी, एयरक्राफ्ट हेल्थ मॉनिटरिंग और अन्य संबद्ध विषयों में शिक्षण, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देगा। यह भारतीय वायु सेना कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विकास की सुविधा प्रदान करेगा जो तकनीकों को उन्नत करने के लिए ज्ञान और नवीन विचारों के प्रसार के लिए मंच प्रदान करेगा।

यह जुड़ाव आईआईटी कानपुर के संकाय, शोधकतार्ओं और छात्रों के बीच प्रतिष्ठित भारतीय वायु सेना अधिकारियों के अपार अनुभव और ज्ञान की पहुंच का लाभ उठाएगा। यह आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के पीएचडी विद्वानों को इन क्षेत्रों में काम करने के लिए अनुसंधान अनुदान भी प्रदान करेगा। रिसर्च स्कॉलर प्रोग्राम (आरएसपी) राष्ट्रीय महत्व के दो भाग लेने वाले संगठनों के बीच आपसी सहयोग के लिए एक ढांचा स्थापित करेगा, जहां आईएएफ के योग्य सेवारत अधिकारी आईआईटी कानपुर में पीएचडी, एम.टेक और ई-मास्टर्स कार्यक्रमों में सीधे प्रवेश के लिए पात्र होंगे।


अधिकारियों को आईआईटी कानपुर के विभिन्न विभागों में समयबद्ध शोध करने का अवसर मिलेगा। यह राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में विचारों के आदान-प्रदान और स्वतंत्र शोध में सहायता करेगा। यह साझेदारी वायु सेना अधिकारियों के बीच रणनीतिक ज्ञान और बौद्धिक कौशल के साथ थिंक टैंक का एक पूल तैयार करेगी। इन अधिकारियों की विशेषज्ञता और कौशल विकास राष्ट्र के लिए कई तरह से योगदान देगा। यह प्रयास आईआईटी कानपुर संकाय सदस्यों के साथ बातचीत के माध्यम से नई प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप को प्रदर्शित करने और वायु सेना अधिकारियों के बीच उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा।