Wednesday, September 15, 2021

दो पत्नियां हैं तो सरकारी सेवक की मौत पर भुगतान पहली को होगा

 दो पत्नियां हैं तो सरकारी सेवक की मौत पर भुगतान पहली को होगा


शासन ने सरकारी सेवकों की मृत्यु होने की दशा में उनके द्वारा अर्जित अवकाश के लिए नकदीकरण के देय धनराशि के भुगतान के लिए आश्रित पात्रों की वरीयता का निर्धारण कर दिया है। यदि मृत सरकारी सेवक ;पुरुषद्ध था और उसकी एक से अधिक विधवाएं हैं तो विवाह की तिथि को आधार बनाते हुए सबसे बड़ी विधवा को भुगतान होगा।



अपर मुख्य सचिव वित्त एसण् राधा चौहान ने यह शासनादेश मंगलवार को जारी किया। शासनादेश के मुताबिक यदि मृत सरकारी सेवक पुरुष था तो उसकी पत्नी को और यदि स्त्रत्त्ी थी तो पति को दिया जाएगा। भुगतान के संबंध में कई पत्नियां होने पर विवाद को खत्म करने की व्यवस्था इस शासनादेश से की गई है।


विधवा या पति के नहीं होने पर बड़े पुत्र को भुगतानरू पत्नी या पति जैसा भी मामला हो दोनों के नहीं होने पर सबसे बड़े जीवित पुत्र को या दत्तक पुत्र को यह भुगतान किया जाएगा। मृतक की पत्नी या पति के साथ ही सबसे बड़े जीवित पुत्र या एक दत्तक पुत्र के नहीं होने पर यह भुगतान सबसे बड़ी जीवित अविवाहित पुत्री को किया जाएगा। पत्नीए पतिए बड़े जीवित पुत्रए एक दत्तक पुत्र और सबसे बड़ी अविवाहित पुत्री के नहीं होने पर सबसे बड़ी जीवित ऐसी पुत्री जिसके पति का निधन हो गया होए उसको भुगतान किया जाएगा।


उपरोक्त में से किसी के नहीं होने पर मृत सरकारी सेवक के पिता को और पिता के नहीं होने पर माता को देने का आदेश है। इनमें से किसी के नहीं होने पर सबसे बड़ी जीवित विवाहित पुत्री को यह लाभ मिलेगा। इसमें से किसी के नहीं होने पर 18 वर्ष से कम आयु के सबसे बड़े जीवित भाई कोए इनके नहीं होने पर सबसे बड़ी जीवित अविवाहित बहन कोए इनके भी नहीं होने पर सबसे बड़ी जीवित बहन जिसके पति का निधन हो गया होए उसको और इनमें से कोई आश्रित नहीं होने पर अंत में यह धनराशि मृत ज्येष्ठ पुत्र के सबसे बड़े बच्चे को दी जाएगी।


डाउनलोड करें हमारी एंड्राइड ऐप गूगल प्ले स्टोर से👇

 Download Govt Jobs UP Android App   

 Free GS Quiz के लिए टेलीग्राम चैनल जॉइन करें👇    

Join FREE GS Quiz Telegram Channel     

वॉट्सएप ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें👇