Saturday, August 14, 2021

75th Independence Day : राष्ट्रीय ध्वज है भारत का मान- सम्मान और गौरव, इन अवसरों पर आधा झुका दिया जाता है तिरंगा

 

75th Independence Day : राष्ट्रीय ध्वज है भारत का मान- सम्मान और गौरव, इन अवसरों पर आधा झुका दिया जाता है तिरंगा




Independence Day 2021 : आजादी का दिन हर किसी के लिए महत्वपूर्ण होता है। भारत को 15 अगस्त 1947 में अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी। इस दिन को देश कभी नहीं भूल सकता है। 15 अगस्त का दिन देशभर में बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। भारत इस साल 75वां स्वतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। राष्ट्रीय ध्वज भारत का मान-सम्मान और गौरव है। राष्ट्रीय ध्वज का मान- सम्मान देश का मान-सम्मान होता है। राष्ट्रीय ध्वज को बहुत से मौकों पर आधा झुका दिया जाता है। आइए किन मौकों पर राष्ट्रीय ध्वज को झुका दिया जाता है.

  • राष्ट्रपति, उप- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निधन पर समस्त देश में राष्ट्रीय झंडे को आधा झुका दिया जाता है।
  • लोकसभा अध्यक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश. केंद्र के राज्यमंत्री और उपमंत्री, केंद्रीय केंबिनेट मंत्री के निधन पर दिल्ली और सभी राज्यों की राजधानियों में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है।
  • राज्यपाल, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के केबेनिट मंत्री के निधन पर संबंधित राज्य की राजधानी में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है।
  • राजकीय शोक में शोकावधि के दौरान सिर्फ प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है।
  • राष्ट्रीय शोक में शोकावधि के दौरान पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है।

राष्ट्रीय पर्व के दौरान नहीं झुकाया जाता है ध्वज


  • राष्ट्रीय पर्व के दौरान किसी गणमान्य व्यक्ति की मृत्यु होने पर जहां पर पार्थिव शरीर को रखा गया है सिर्फ वहीं पर राष्ट्रीय ध्वज को झुकाया जाएगा। पार्थिक शरीर को उठाने के बाद उस स्थान पर भी राष्ट्रीय ध्वज को फहरा दिया जाएगा।

जब कभी भी राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाया जाता है तो सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज को पहले पूरी ऊंचाई तक फहराया जाता है।