Monday, August 16, 2021

कोविड प्रोटोकाल के साथ यूपी के कुछ स्कूल खुले, 6-8वीं तक के स्कूल 23 अगस्त से खुलेंगे

 

कोविड प्रोटोकाल के साथ यूपी के कुछ स्कूल खुले, 6-8वीं तक के स्कूल 23 अगस्त से खुलेंगे






 उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के कुछ स्कूल कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन के साथ छात्र-छात्राओं के लिए सोमवार को खुल गए। पहले दिन अनुपस्थिति कम है, लेकिन बच्चे उत्साहित दिखे। यूपी में 6-8वीं तक के स्कूल 23 अगस्त से और 1 से 5वीं तक के स्कूल 1 सितंबर से खुले जाएंगे। इस संबंध में सीएम योगी ने आज सुबह बैठक में निर्देश जारी किया है। सीएम योगी ने कहा कि स्कूल की निगरानी की जाए। सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए।

अभिभावकों ने स्कूल खुलने पर मिली जुली प्रतिक्रिया दी । राजधानी के लखनऊ में कैथेड्रल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को पहले दिन लगभग 100 छात्र ही आए। कैथोलिक स्कूलों के प्रवक्ता डोनाल्ड डिसूजा ने बताया कि कि 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाएं आज खुल गई हैं। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के करीब 100 छात्र आए हैं, जो कुल छात्रों के करीब 20 फीसदी है।

लखनऊ के सेंट फ्रांसिस कॉलेज के प्रधानाचार्य ए मोरास ने बताया कि हम 26 अगस्त से स्कूल खोलने की योजना बना रहे हैं। ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज की प्रधानाचार्य आश्रिता दास ने बताया कि अभी स्कूल नहीं खोला गया है।
 

दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्य नीरू भास्कर ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए स्कूल को सोमवार से खोला गया है और केवल उन्हीं छात्र छात्राओं को स्कूल आने को कहा गया है जो अपने अभिवावकों के सहमति पत्र लेकर आ रहे हैं ।  दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा बुशरा ने बताया कि वह स्कूल खुलने से काफी खुश है क्योंकि उसे अपने दोस्तो से एक बार फिर मिलने का मौका मिलेगा। पुनीत मेहरोत्रा, जिनकी बेटी लखनऊ के एक स्कूल में 9वीं कक्षा में है, उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी को स्कूल भेजना चाहते थे, लेकिन सहमति फॉर्म में कुछ कमी के कारण नही भेज सके ।


उत्तर प्रदेश सरकार ने दो अगस्त सोमवार को कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय से बंद स्कूलों (माध्यमिक और इंटरमीडिएट) को 16 अगस्त से खोलने और उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों को एक सितंबर से खोलने की तैयारी किये जाने के निर्देश दिये थे। माध्‍यमिक विद्यालयों में सोमवार से शुक्रवार तक दो सत्रों में 50-50 फीसद छात्रों की पढ़ाई होगी।