Tuesday, July 20, 2021

UPSSSC भर्ती परीक्षा केंद्रों पर इस बार से करेगा यह बदलाव, 20 अगस्त को है UPSSSC PET परीक्षा

 

UPSSSC भर्ती परीक्षा केंद्रों पर इस बार से करेगा यह बदलाव, 20 अगस्त को है UPSSSC PET परीक्षा




उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की सेंधमारी रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों को लाइव प्रसारण कैमरे से जोड़ेगा। इसका मकसद मुन्ना भाइयों की नकल कराने के लिए अपनाई जाने वाली चालबाजियों को रोकना है। पहले चरण में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पेट के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाएगा। आगे चलकर सभी भर्ती परीक्षाओं में इसे अपनाया जाएगा।

UPSSSC से जुड़ेंगे सभी केंद्र
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 20 अगस्त को प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो पालियों में आयोजित कराएगा। परीक्षा में 20.73 लाख परीक्षार्थी बैठेंगे। इसमें शामिल होने वाला ही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होगा। आयोग का मानना है कि चूंकि यह बहुत बड़ी परीक्षा है, इसमें सेंधमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों को पहली बार लाइव प्रसारण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। आयोग मुख्यालय में इसका कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और इसे यहां पर लाइव देखा जा सकेगा। इससे किसी भी परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होते ही तुरंत पकड़ा जा सकेगा।

साइबर विशेषज्ञों की लेंगे मदद
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में धांधली रोकने के लिए साइवर विशेषज्ञों की मदद भी लेगा। इसका मकसद हर स्तर पर लीकेज रोकना है। इसके लिए आईटी विशेषज्ञों की एक टीम भी लगाई जाएगी, जिससे गड़बड़ी होने पर उसे तुरंत पकड़ा जा सके। सभी केंद्रों को लाइव प्रसारण व्यवस्था से जोड़ने के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है। प्रदेशभर के जिलाधिकारियों से केंद्र बनाने को लेकर प्रथम चरण की बातचीत भी हो चुकी है। जिलों से परीक्षा केंद्र बनाने के लिए सूची मांगी जा चुकी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार 22 अगस्त को परीक्षा को लेकर प्रदेशभर के मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व डीआईओएस के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।

कोट
भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए लाइव प्रसारण व्यवस्था से सभी केंद्रों को जोड़ा जाएगा। केंद्रों पर इसके लिए कैमरे लगवाए जाएंगे, जिससे परीक्षा में नकल करने वालों पर नकेल लगाया जा सके।  प्रवीर कुमार, अध्यक्ष यूपीएसएसएससी