Monday, April 5, 2021

UPSSSC ::: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में आरक्षण का पेच सुलझा, अब इन चार भर्तियों का रास्ता साफ

 UPSSSC ::: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में आरक्षण का पेच सुलझा, अब इन चार भर्तियों का रास्ता साफ




यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की जिन भर्तियों के विज्ञापन एक फरवरी, 2019 से पहले जारी हो चुके हैं लेकिन लिखित परीक्षा नहीं हुई है, उनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण अधिनियम, 2020 के तहत 10 फीसद आरक्षण का प्राविधान लागू होगा। शासन की ओर से यह मार्गदर्शन मिलने के बाद आयोग की चार लंबित भर्तियों में आरक्षण का पेच सुलझने के साथ रास्ता भी साफ हो गया है।


आरक्षण अधिनियम, 2020 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसद आरक्षण दिया गया है। इस सिलसिले में कार्मिक विभाग ने 18 दिसंबर 2019 को शासनादेश जारी किया था। आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने बताया कि शासनादेश में कहा गया था कि लोक सेवाओं में सभी श्रेणियों में सीधी भर्ती के पदों पर आरक्षण की यह व्यवस्था एक फरवरी, 2019 या इसके बाद अधिसूचित/विज्ञापित होने वाली रिक्तियों पर लागू होगी।


आरक्षण अधिनियम, 2020  की धारा-13 में कहा गया है कि यदि इस तिथि से पहले भर्ती का विज्ञापन जारी हो चुका है लेकिन लिखित परीक्षा नहीं हुई है तो आरक्षण नहीं लागू होगा। दोनों प्राविधानों में विरोधाभास होने के कारण आयोग ने शासन से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। शासन ने विधिक परामर्श लेने के बाद आयोग से स्थिति स्पष्ट कर दी है। इससे आयोग की चार लंबित भर्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि हमें शासन का आदेश मिल गया है। आरक्षण के विवाद के कारण जो भर्तियां लंबित हैं, उनके संबंध में शुद्धि पत्र जारी करते हुए इनकी लिखित परीक्षाएं कराई जाएंगी।


इन भर्तियों के लिए रास्ता खुला


सम्मिलित तकनीकी सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा, 2016

सम्मिलित अवर अभियंता एवं उप वास्तुविद (सामान्य चयन) प्रतियोगात्मक परीक्षा, 2016

सम्मिलित अवर अभियंता, संगणक एवं फोरमैन (सामान्य चयन) प्रतियोगिता परीक्षा 2018

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद संयुक्त संवर्ग प्रतियोगितात्मक परीक्षा, 2018



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