Wednesday, April 7, 2021

राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों में EWS वर्ग को आयु सीमा में मिलेगी छूट, जानें REET और पटवारी भर्ती पर क्या होगा इसका असर

 राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों में EWS वर्ग को आयु सीमा में मिलेगी छूट, जानें REET और पटवारी भर्ती पर क्या होगा इसका असर




राजस्थान में जनरल कैटेगरी के गरीब युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब राज्य की सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवाओं को आरक्षित वर्गों के समान अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय से ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों को अन्य आरक्षित वर्गों के समान अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तथा महिला अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की छूट मिल सकेगी। मुख्यमंत्री गहलोत ने ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को राहत देने के मकसद से राज्य के बजट 2021-22 में इसकी घोषणा की थी।


इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे अभ्यर्थी जो राजकीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए सेवा नियमों में निर्धारित आयु सीमा को पार कर चुके हैं, उन्हें भी अन्य आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों की तरह आयु में शिथिलता का लाभ मिल सकेगा। साथ ही बढ़ाई गयी आयु सीमा तक राजकीय सेवा में नियुक्ति के अवसर मिल सकेंगे। 


आयु सीमा पार चुके EWS वर्ग के युवाओं को REET और पटवारी भर्ती में मौका

जो भर्ती प्रक्रियाएं फिलहाल चल रहीं हैं, उनमें अब उन EWS वर्ग के उन युवाओं को आवेदन का मौका मिलेगा तो आयु सीमा पार कर गए थे। राज्य सरकार EWS वर्ग के युवाओं को REET परीक्षा में लाभ देने के लिए पहले ही परीक्षा तिथि आगे बढ़ा चुकी है। रीट परीक्षा को 25 अप्रैल से आगे बढ़ाकर 20 जून कर दिया गया है। अब जल्द ही रीट की आवेदन विंडो EWS वर्ग के युवाओं के लिए खुलेगी। इसके अलावा पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए भी EWS वर्ग के वह अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जो आयु सीमा पार करने की वजह से आवेदन नहीं कर सके थे। 


इस पद के लिए नहीं होगा इंटरव्यू, RSMSSB कराएगा लिखित परीक्षा 

मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक निर्माण विभाग में निरीक्षक उद्यान एवं सहायक निरीक्षक उद्यान के पद पर साक्षात्कार के स्थान पर लिखित परीक्षा से भर्ती किए जाने तथा इन पदों पर भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से किए जाने के उद्देश्य से राजस्थान हॉर्टीकल्चर अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 में संशोधन को स्वीकृति दी है। कैबिनेट के इस निर्णय से विभाग में उद्यान संधारण के कार्यों के लिए अधिक दक्ष एवं योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध हो सकेंगे। 


मंत्रिमंडल बैठक में हुए अन्य फैसले

- बैठक में गुर्जर आरक्षण के दौरान तीन मृतकों के एक-एक आश्रित को सेवा नियमों में शिथिलता प्रदान करते हुए उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार नगर परिषद दौसा में नियमित नियुक्ति को कायोर्त्तर स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल ने दिवंगत मानसिंह गुर्जर एवं दिवंगत कैलाश गुर्जर के एक-एक आश्रित को राजस्थान नगर पालिका (अधीनस्थ एवं लिपिक वगीर्य सेवा) नियम, 1963 के प्रावधानों में शिथिलता देते हुए कनिष्ठ सहायक के पद पर एवं स्व. बद्री गुर्जर के आश्रित को राजस्थान नगर पालिका (चतुर्थ श्रेणी सेवा) नियम, 1964 में शिथिलता प्रदान करते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियमित नियुक्ति दिए जाने की मंजूरी दी है। 

      

- इसके साथ ही राजस्थान सिविल सेवा (राजकीय महाविद्यालय के शिक्षकों, शारीरिक शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के पुनरीक्षित वेतन) नियम- 2००9 में संशोधन का अनुमोदन किया है। इससे राजकीय महाविद्यालयों के व्याख्याताओं (पुस्तकालयाध्यक्ष एवं पीटीआई सहित) जिनकी वार्षिक वेतन वृद्धि 2 जनवरी 2००6 से 3० जून 2००6 के मध्य है, उन्हें विद्यमान वेतनमान में एक जनवरी 2००6 को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि स्वीकृत करते हुए संशोधित वेतनमान में स्थिरीकरण किया जा सकेगा। 

     

- कैबिनेट ने जैसलमेर जिले के देवीकोट गांव में 15० मेगावाट सोलर फोटो वॉल्टिक पावर प्लांट की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम मैसर्स एनटीपीसी लि. को करीब 577 बीघा (93.48 हैक्टेयर) भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी है। इससे राज्य में रिन्यूएबल एनजीर् का उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और राज्य के राजस्व अर्जन में बढ़ोतरी हो सकेगी। 

     

- बैठक में आगामी समय में आयोजित होने वाले प्रशासन गांवों के संग अभियान एवं उसकी तैयारियों पर भी चचार् की गई। इस दौरान दिए गए प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अभियान के तहत प्रदेश की 11341 ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिनमें 18 विभागों से जुड़े काम एक ही स्थान पर हो सकेंगे। ग्राम पंचायत वार कार्यक्रम की तैयारी एवं तिथि निधार्रण जिला कलक्टर के स्तर पर किया जाएगा तथा कैम्प की व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा की जाएगी। कैंप स्थल पर कोरोना गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करनी होगी।


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