Thursday, April 1, 2021

चेतावनीः फर्जी शिक्षकों पर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो नपेंगे शिक्षा अधिकारी

 चेतावनीः फर्जी शिक्षकों पर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो नपेंगे शिक्षा अधिकारी




सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में चिह्नित लगभग 2500 शिक्षकों की बर्खास्तगी और उनके खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई दो दिन के अंदर पूरी की जानी है। यदि ये कार्रवाई दो दिन में शत-प्रतिशत पूरी नहीं हुई तो बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनंद ने आदेश जारी कर दिया है। वहीं वेतन रिकवरी को लेकर हाईकोर्ट में विभाग विशेष याचिका दायर करेगा।


फर्जी शिक्षकों का मामला लम्बे समय से विभाग में चल रहा है लेकिन चिह्नित होने के बाद भी इसमें बर्खास्तगी और एफआईआर में लेटलतीफी हो रही है। डा. भीमराव अम्बेडकर विवि के 2004-05 फर्जी-टेम्पर्ड प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाए लगभग 1400 शिक्षकों में से 201 की सेवा समाप्ति और 199 के खिलाफ एफआईआर की सूचना विभाग के पास है। इसके अलावा एसटीएफ व जिला स्तरीय समित द्वारा चिह्नित 1004 फर्जी शिक्षकों में से 987 की सेवा समाप्त की गई है और 793 के खिलाफ ही एफआईआर हुई है। 


जनवरी 2020 में एसटीएफ ने छह जिलों के 81 फर्जी शिक्षकों और इसके बाद जून 2020 में 13 जिलों में तैनात 24 फर्जी अध्यापकों की  सूची विभाग को सौंपी थी लेकिन इनमें केवल चार शिक्षकों की सेवा समाप्ति की गई, बाकी शिक्षकों का क्या हुआ इसकी कोई जानकारी शासन को नहीं दी जा रही है। इसके बाद अक्तूबर 2020 में एसटीएफ द्वारा फर्जी अभिलेखों के साथ गिरफ्तार यदुनंदन यादव की गाड़ी से भी 76 शिक्षकों की सूची मिली थी, जिसे विभाग को सौंप दिया गया था। जून 2020 में गठित कमेटी ने भी 192 ऐसे शिक्षकों को चिह्नित किया था जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की एंट्री विभिन्न जिलों में मिली थी। इन सबका सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। 


विशेष याचिका की तैयारी

फर्जी शिक्षक मामले में हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में 814 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश तो दिए हैं लेकिन उनकी वेतन रिकवरी पर रोक लगा दी है। इस मामले में विभाग विशेष अपील की तैयारी कर रहा है क्योंकि इसमें प्रति शिक्षक लाखों रुपये की रिकवरी की जानी है। 


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