Wednesday, March 17, 2021

UPSESSB Recruitment 2021: एडेड कॉलेजों में शिक्षक भर्ती आवेदन फॉर्म के सवालों में उलझे प्रदेश के छात्र

 UPSESSB Recruitment 2021: एडेड कॉलेजों में शिक्षक भर्ती आवेदन फॉर्म के सवालों में उलझे प्रदेश के छात्र





एडेड जूनियर स्कूल और डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति को जारी आवेदन प्रक्रिया में आयोग की गैर-जरुरी शर्तों में प्रदेश के लाखों छात्र उलझ गए हैं। कोई रास्ता नहीं मिलने पर छात्र मनचाहे ढंग से आवेदन कर रहे हैं। हजारों छात्र सही सूचना देने के चक्कर में यूपी बोर्ड कार्यालय और विश्वविद्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। डिग्री कॉलेजों में पीएचडी में रोल नंबर दर्ज करने का विकल्प भी छात्रों के लिए मुसीबत बना हुआ है। इसी तरह आवेदन के वक्त ही पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए एनओसी की कॉपी अपलोड करने की बाध्यता परेशानी बनी हुई है।

इन शर्तों में फंस गए अभ्यर्थी:
1-एडेड जूनियर स्कूलों के आवेदन में छात्र को उत्तीर्ण वर्ष और रिजल्ट घोषित होने की तिथि दर्ज करनी है। 10-12 वीं में प्रमाण पत्र में रिजल्ट घोषित करने की तिथि दर्ज होती है, लेकिन उच्च शिक्षा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। विवि की मार्कशीट पर उत्तीर्ण वर्ष और मार्कशीट प्रिंट होने की तिथि दर्ज होती है। यदि किसी छात्र ने 2010 में स्नातक पास किया हो, लेकिन उसने मार्कशीट किसी वजह से 2015 में जारी हुई हो तो प्रिंट तिथि 2015 की होगी। यदि छात्र उत्तीर्ण वर्ष 2010 और मार्कशीट की तिथि 2015 दर्ज करता है तो यह अवैध बताया जा रहा है।

2-प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में प्रतिदिन हजारों मार्कशीट अपडेट होती हैं जो संबंधित वर्ष में पूरी होनी चाहिए लेकिन रिजल्ट घोषित होने की तिथि दर्ज नहीं होती। ऐसे में छात्र परेशान हैं।
3-डिग्री कॉलेजों में छात्रों को पीएचडी के कॉलम में रोल नंबर दर्ज करने का विकल्प है जबकि विवि पीएचडी में रोल नंबर नहीं देते। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर होता है।

4-कार्यरत शिक्षकों को एनओसी की कॉपी अपलोड करनी है। कुछ विभाग तो हफ्तेभर में एनओसी दे देते हैं जबकि कुछ में निर्धारित प्रक्रिया में ही महीना लगता है। ऐसे छात्रों का सवाल है कि वे कैसे इस शर्त को पूरा करें।

यह चाहते हैं अभ्यर्थी
छात्रों के अनुसार आयोग ऐसी शर्त ना रखे जिसे भरने में परेशानी हो। छात्रों ने रिजल्ट तिथि घोषित करने की तिथि दर्ज करने की बाध्यता खत्म करने की मांग की है। छात्रों के अनुसार आयोग पास होने का वर्ष पूछ ले। इसी तरह एनओसी की बाध्तया इंटरव्यू में प्रस्तुत करने की मांग की है।