Monday, March 8, 2021

UPPSC ::: यूपी पीसीएस के पैटर्न में बदलाव और अन्य कई कारण है पीसीएस भर्ती में आवेदकों की संख्या बढ़ने के कारण

UPPSC ::: यूपी पीसीएस के पैटर्न में बदलाव और अन्य कई कारण है पीसीएस भर्ती में आवेदकों की संख्या बढ़ने के कारण 





यूपीपीएससी का पैटर्न संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर वर्ष 2018 से लागू कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपने मूल्यांकन के लिए यूपीपीसीएस से बेहतर कुछ नहीं मिलेगा। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तमाम ऐसे अभ्यर्थी जो पहले यूपीपीएससी का फॉर्म नहीं भरते थे, अब वे दावेदारों में शामिल होने लगे हैं, क्योंकि एक ही पैटर्न पर एक साथ दो बड़ी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हो रही है।

पटरी पर भर्ती परीक्षाएं
उत्तर प्रदेश में पहले पीसीएस की भर्ती पूरी होने में तीन साल तक का समय लग जाता था, लेकिन अब एक से डेढ़ वर्ष में भर्ती पूरी हो जा रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का परीक्षा कैलेंडर अब संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा कैलेंडर को टक्कर दे रहा है। इसके साथ ही अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश पदों की संख्या भी काफी अधिक होती है। इस वजह से भी यूपीपीसीएस का फॉर्म भरने वालों में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

क्षैतिज आरक्षण 
क्षैतिज आरक्षण में पहले उत्तर प्रदेश की महिलाओं को ही शामिल किया जाता था, लेकिन पिछले चार वर्षों से अन्य राज्यों की महिलाओं को भी क्षैतिज आरक्षण में शामिल कर लिया गया है। ऐसे में दूसरे राज्यों से यूपीपीएससी के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।



 

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