Tuesday, March 9, 2021

प्रदेश सरकार से सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में चल रही 1894 शिक्षकों की भर्ती में स्कोरिंग विषयो वाले अभ्यर्थियों का दबदबा , विषयो का निर्धारण न होने से गणित - विज्ञानं वाले अभ्यर्थियों को होगा नुकसान

प्रदेश सरकार से सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में चल रही  1894 शिक्षकों की भर्ती में स्कोरिंग विषयो वाले अभ्यर्थियों का दबदबा , विषयो का निर्धारण न होने से गणित - विज्ञानं वाले अभ्यर्थियों को होगा नुकसान 




 

उत्तर प्रदेश में एडेड जूनियर हाईस्कूल की शिक्षक भर्ती में स्कोरिंग विषय वाले अभ्यर्थियों का दबादबा रहेगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने सहायक अध्यापकों व प्रधानाध्यापकों के 1894 पदों पर भर्ती के ऑनलाइन आवेदन में विषय का विकल्प चुनने की छूट नहीं दी है। न ही भाषा, सामाजिक विज्ञान और गणित/विज्ञान विषय के रिक्त पदों की अलग-अलग सूचना दी है।


आशंका जताई जा रही है कि हिन्दी और सामाजिक विज्ञान जैसे स्कोरिंग विषय वाले अभ्यर्थी आगे हो जाएंगे और विज्ञान या गणित जैसे विषय पढ़ने वाले पिछड़ सकते हैं। बीएड का प्रशिक्षण और टीईटी भाषा और विज्ञान विषय के लिए अलग-अलग होता है। 2013 से पहले बीटीसी (अब डीएलएड) भी अलग विषयों में होता था। परिषदीय उच्च प्राथ. में 2013 में शुरू हुई विज्ञान व गणित विषय के 29334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में विषय का निर्धारण पहले ही हो गया था।  दो मार्च को विज्ञापन आने से पहले 26 फरवरी को सीटीईटी 2020 का परिणाम आने के कारण इन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि शासन से मिली गाइडलाइन के अनुसार आवेदन लिया जा रहा है।


1894 शिक्षक भर्ती

- विषय का निर्धारण न होने से विज्ञान-गणित वाले होंगे पीछे

- 6 से 8 तक में विषयवार होती है सहा. अध्यापकों की भर्ती 


बीसीए, बीफार्मा, बीबीए वालों की भी मुश्किल

इस भर्ती में बीसीए, बीबीए, बीफार्मा या बीएससी कृषि जैसे प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के बाद डीएलएड और बीएड करने वाले अभ्यर्थियों की मुश्किल बढ़ सकती है। क्योंकि स्नातक में भाषा, सामाजिक विज्ञान और गणित/ विज्ञान इनका मुख्य विषय नहीं रहा है। हालांकि 29334 भर्ती में प्रोफेशनल डिग्रीधारियों को अवसर मिला था।