Tuesday, February 2, 2021

School Reopen in UP: जल्द शुरू हो सकती है कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई

 School Reopen in UP: जल्द शुरू हो सकती है कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई




उत्तर प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई जल्द शुरू हो सकती है। राज्य में कोरोना संक्रमण की दर में निरंतर आ रही गिरावट के बीच सरकार 6 से 12वीं तक के स्कूल नियमित रूप से खोलने पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अनलाक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन्स के अनुरूप विद्यालयों में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई आगामी दिनों में प्रारम्भ करने के सम्बन्ध में विचार किया जाए। उन्होंने स्थिति का पूरी तरह आकलन करने के बाद ही इन कक्षाओं का संचालन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज किए जाने के बावजूद हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय रखा जाए। कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जाए। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किए जाने पर भी बल दिया।

श्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों में जीवन रक्षक दवाएं सुलभ कराने में ड्रोन के उपयोग की योजना का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 8 प्रभावी जिलों में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। इन जिलों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने संबंधिति जिलों में टेलीमेडिसिन,टेलीकन्सल्टेशन को प्रोत्साहित करने के सम्बन्ध में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में वायरोलॉजी संस्थान की स्थापना की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे की तर्ज पर विकसित किया जाए। प्रदेश में वायरोलॉजी संस्थान की स्थापना हो जाने पर चिकित्सा के क्षेत्र में उच्चस्तरीय जांच व शोध की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।