Sunday, February 21, 2021

Pariksha Pe Charcha 2021: प्रतियोगिता में विजेजा छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग कर सकेंगे परीक्षा पर चर्चा

 Pariksha Pe Charcha 2021: प्रतियोगिता में विजेजा छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग कर सकेंगे परीक्षा पर चर्चा




बोर्ड परीक्षा को लेकर तनाव हो या फिर कोई बेहतर सुझाव मन में आए, इन विचारों पर छात्र सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करेंगे। दरअसल, भारत सरकार की ओर से परीक्षा पे चर्चा के चौथे संस्करण को लेकर सूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत स्कूली छात्र, शिक्षक और अभिभावक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी से परीक्षा पर चर्चा करने के लिए छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों को ऑनलाइन प्रतियोगिता में शामिल होना होगा। इसके जरिए कार्यक्रम में विजेताओं का चयन होगा। इस बारे में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से स्कूलों को सूचना जारी कर दी गई है। 

वर्चुअल कार्यक्रम में भाग लेंगे चयनित विजेता
इस कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों सहित उनके अभिभावकों व शिक्षकों को भी शामिल होने का मौका मिलेगा। कोविड की स्थिति को देखते हुए इस बार ये कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किया जाएगी। ये छात्र विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पीएम से जुड़ेंगे। हालांकि कुछ चयनित विजेताओं को सीधे संवाद करने का मौका भी मिलेगा। इसके लिए सीबीएसई की ओर से ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई जा रही है। परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री की ओर से होने वाले इस कार्यक्रम में जिले से प्रतिभागी भाग ले सकें, इसके लिए स्कूल की ओर से छात्रों को जागरूक किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा छात्र पंजीकरण कराएं यही मकसद है।  

इस तरह ले सकेंगे भाग
गौरतलब है कि परीक्षार्थियों का हौसला बढ़ाने और उन्हें सफलता के टिप्स सुझाने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। हर साल ये कार्यक्रम जनवरी में आय़ोजित होता था, लेकिन परीक्षाएं देरी से होने के चलते इस बार ये कार्य़क्रम मार्च में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सरकार की वेबसाइट माईजीओवी और माईजीओवी एप के जरिए भाग लेकर अपने विचार भेजने होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एप पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद छात्रों को निर्धारित पांच थीम में से किसी एक पर एंट्री भेजनी होगी। साथ ही छात्र अधिकतम 500 अक्षरों में प्रधानमंत्री को अपना प्रश्न भी भेज सकते हैं। इसके बाद विजेताओं का चयन कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा। 

सवाल पूछने के साथ पुरस्कार पाएंगे विजेता
इस कार्यक्रम में विजेताओं को प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल कार्यक्रम में सीधे शामिल होने का अवसर मिलेगा। वहीं अपनी प्रविष्टियों के आधार पर चुने गए छात्र, अभिभावक और शिक्षक को पुरस्कार भी मिलेगा। हर विजेता को विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ प्रशंसा प्रमाण पत्र और विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ किट भी मिलेगी। विजेताओं में से कुछ छात्रों को सीधे प्रधानमंत्री के साथ संवाद और उनसे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा विजेताओं को पीएम के साथ उनकी ऑटोग्राफ वाली तस्वीर का डिजिटल स्मारिका भी दी जाएगी।

इन थीमों पर छात्र भेज सकेंगे एंट्री
-परीक्षाएं त्योहारों की तरह हैं, उनका उत्सव मनाएं (अपने पसंदीदा विषय के एक त्योहार का चित्र बनाएं)
-भारत अतुल्य व अद्भुत है, यात्रा करें और पता लगाएं (कल्पना कीजिए कि आपके मित्र तीन दिनों की यात्रा पर आपके शहर आए हैं। दर्शनीय स्थल, स्वादिष्ट भोजन, यादगार अनुभव श्रेणियों में से आप उनकी यात्रा को कैसे यादगार बनाएंगे)।
-एक यात्रा के खत्म होते ही, दूसरे की शुरुआत होती है (अपने स्कूली जीवन के सबसे यादगार अनुभवों का वर्णन करें)
-कुछ बनने की नहीं, बल्कि कुछ कर दिखाने की आकांक्षा (यदि संसाधनों या अवसरों पर कोई प्रतिबंध नहीं हो, तो आप समाज के लिए क्या करना चाहेंगे और क्यों? )
-आभार प्रकट करें (जिनके प्रति आप आभारी हैं, उनके लिए थैंक यू कार्ड'' लिखें)
-परीक्षा के तनाव से निपटने से संबंधित कोई एक सवाल लिखें जिसे आप प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं। 


इतने प्रतिभागी चुने जाएंगे-
15 सौ छात्र चुने जाएंगे स्कूलों से
250 अभिभावकों का होगा चयन
250 शिक्षकों का होगा चयन

प्रतियोगिता एक नजर में-
9वीं से 12वीं के छात्र ले सकेंगे हिस्सा
14 मार्च तक प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका
5 सौ शब्दों में प्रधानमंत्री को भेजना होगा सवाल

छात्रों और आभिभावकों को जागरूक करेंगे
डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-3 की प्रिंसिपल ज्योति दहिया ने बताया कि सीबीएसई की ओर से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को लेकर सूचना मिल चुकी है। साथ ही कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र भाग लें, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। आदेशानुसार छात्रों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शिक्षक प्रेरित करेंगे और कैसे भाग लेंगे, इस बारे में मार्गदर्शन भी किया जाएगा। स्कूल के छात्रों को प्रधानमंत्री से संवाद का मौका मिले यही कोशिश है।