Friday, February 12, 2021

यूपी पंचायत चुनाव : जिलेवार आरक्षण का ब्योरा जारी, ग्राम प्रधानों के लिए बीस हजार से ज्यादा गांव अनारक्षित

 यूपी पंचायत चुनाव : जिलेवार आरक्षण का ब्योरा जारी, ग्राम प्रधानों के लिए बीस हजार से ज्यादा गांव अनारक्षित




यूपी पंचायत चुनाव के लिए जिलेवार आरक्षण का ब्योरा जारी कर दिया गया है। लखनऊ में अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह और निदेशक पंचायती राज किंजल सिंह ने बताया कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष के 27 पद अनारक्षित, 12 महिला, 27 ओबीसी और 16 एससी में आरक्षित किये गए हैं। ब्लॉक प्रमुखों के 826 पदों में से 314 अनारक्षित,113 महिला,223 ओबीसी और 171 एससी के लिए आरक्षित हैं जबकि पहली बार 5 पद एसटी कैटेगरी के लिए रखे गए हैं। वहीं ग्राम प्रधानों के लिए 20268 पद अनारक्षित, 9739 महिला सीट,15712 ओबीसी और 12045 एससी जबकि 330 एसटी के लिए रिज़र्व रखे गए हैं। 


जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कौन सा जिला किसके लिए : 

अनुसूचित जाति महिला

शामली, बागपत लखनऊ, कौशांबी, सीतापुर और हरदोई की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। 


अनुसूचित जाति

कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और मिर्जापुर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। 


ओबीसी महिला

संभल, हापुड़, एटा, बरेली, कुशीनगर, वाराणसी और बदायूं की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई है। 


ओबीसी

आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती, संत कबीर नगर, चंदौली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है।


महिला

कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मऊ, प्रतापगढ़, कन्नौज, हमीरपुर, बहराइच, अमेठी, गाजीपुर, जौनपुर और सोनभद्र की सीट महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है।


अनारक्षित

अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, उन्नाव, भदोही और श्रावस्ती अनारक्षित है।


अब नजरें ब्लाक प्रमुख की सीटों के आरक्षण पर :


जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण तय होने के बाद नजरें ब्लॉक प्रमुखों की संख्या और आरक्षण पर टिक गई हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधानों का आरक्षण जिले स्तर पर होगा और संख्या भी ब्लाकों को मानक मानकर जिले में ही तय की जाएगी। आरक्षण की व्यवस्था अब तक अनारक्षित रही सीटों को ध्यान में रखते हुए हो रही है। मसलन, जो सीट पिछले पांच चुनावों में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित नहीं हुई, उसे अब एससी के लिए आरक्षित किया जाएगा। यही व्यवस्था ओबीसी की सीटों को लेकर अपनाई जाएगी।


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