Thursday, January 14, 2021

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 14 जनवरी, 2021 , क्लिक करे और पढ़े

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 14 जनवरी, 2021 , क्लिक करे और पढ़े 





 भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन की आपूर्ति के लिए ब्राजील के प्रीसीसा मेडिकामेंटोस के साथ किया समझौता

भारत बायोटेक ने ब्राजील के लिए कोवैक्सीन की आपूर्ति के लिए प्रीसीसा मेडिकामेंटोस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस वैक्सीन की संभावित निर्यात संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए भारत बायोटेक में पिछले सप्ताह प्रीसिसा मेडिकामेंटोस से एक टीम की यात्रा के बाद यह समझौता  किया गया. प्रीसीसा मेडिकामेंटोस के दवा निदेशक, इमानुएला मेडरेडस ने यह कहा कि, उन्होंने अत्यधिक तकनीकी, वैज्ञानिक और स्वच्छता नियंत्रण स्तरों की पहचान की है. उन्होंने यह भी कहा कि, भारत बायोटेक दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन आपूर्तिकर्ताओं के स्तर पर गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रदर्शन करते हुए उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा है.


भारत सरकार ने टीकों के बीच चयन के विकल्प को किया ख़ारिज

स्वास्थ्य सचिव, राजेश भूषण ने 12 जनवरी, 2021 को यह सूचित किया कि, व्यक्ति वैक्सीन की तार्किक सीमा और उपलब्धता को देखते हुए, ऐसी किसी भी कोरोना वैक्सीन का चयन नहीं कर पाएंगे जो वे पसंद करते हैं. केंद्र सरकार ने अब तक भारत के सीरम इंस्टीट्यूट से 110 लाख और भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक का ऑर्डर दिया है. ये टीके 14 जनवरी तक पूरे भारत में निर्धारित विभिन्न टीकाकरण केंद्रों तक पहुंच जाएंगे क्योंकि भारत में 16 जनवरी 2021 को राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा.


भारत सरकार 45,696 करोड़ रुपये में खरीदेगी 83 तेजस हल्के लड़ाकू विमान

13 जनवरी, 2021 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 ट्रेनर विमान और 83 तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट फाइटर जेट की खरीद के लिए अपनी मंजूरी दी है. इनकी कीमत 45.7 करोड़ रुपये है. तेजस LCA स्वदेश में डिजाइन और तैयार किया गया चौथी पीढ़ी का एक लड़ाकू विमान है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह कहा है कि, LCA तेजस आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि, यह सौदा भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए एक गेम-चेंजर था.


भारत और यूएई के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग हेतु समझौते को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत और राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, संयुक्त अरब अमीरात के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन को अपनी मंजूरी दी है. यूएई और भारत के बीच यह समझौता ज्ञापन भूकंपीय, मौसम संबंधी और महासागरीय सेवाओं जैसे उपग्रह, रडार, भूकंपीय, ज्वार गेज, और मौसम विज्ञान स्टेशनों के लिए डाटा, ज्ञान और परिचालन उत्पादों के साझाकरण के लिए सुविधा प्रदान करेगा. अरब और ओमान सागर के माध्यम से फैलने वाली सुनामी के अधिक विश्वसनीय और तेज पूर्वानुमान के लिए सुनामी मॉडल शोधकर्ताओं की विशेष क्षमताओं के विकास में भी सहयोग होगा.


जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी के 1-2 प्रतिशत कीट-पतेंगे होंगे विलुप्त

दुनिया के शीर्ष कीट विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, प्रकाश प्रदूषण, कीटनाशक, शाकनाशक, आक्रामक प्रजातियों के साथ-साथ कृषि और भूमि उपयोग में बदलाव के कारण पृथ्वी से हर साल लगभग 1-2 प्रतिशत कीट पतंगे विलुप्त हो जाते हैं. ये कीट-पतंगे दुनिया की खाद्य श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण हैं और कचरे से छुटकारा पाने में मदद करते हैं. वैगनर के अनुसार, ये कीट-पतंगे ऐसे कपड़े हैं जिनके द्वारा मां प्रकृति और जीवन रुपी पेड़ का निर्माण हुआ है. वैगनर ने यह कहा है कि, अधिक चिंता करने का कुछ और कारण है क्योंकि इन कीट-पतंगों को कीटनाशकों और शाकनाशकों के हमले का भी लक्ष्य बनाया जा रहा है.



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