Saturday, January 30, 2021

वीकली टॉप -10 करेंट अफेयर्स इवेंट्स : 25 जनवरी - 30 जनवरी 2021

वीकली टॉप -10 करेंट अफेयर्स इवेंट्स : 25 जनवरी - 30 जनवरी 2021





 1.Jio बना दुनिया का पांचवां सबसे मजबूत ब्रांड, जानिए पहले स्थान पर कौन

दुनिया के सबसे मजबूत पहले 10 ब्रांड्स में रिलायंस जियो भारत से अकेला नाम है. ब्रांड की मजबूती के मामले में रिलायंस जियो ने 100 में से 91.7 ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स (BSI) अंक और AAA+ की रैकिंग हासिल की हैं. रिलायंस जियो ने एप्पल, अमेजन, अलीबाबा और पेप्सी जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछ छोड़ दिया है.


रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रॉन्ड की मजबूती का मूल्यांकन विपणन निवेश, हितधारकों की हिस्सेदारी और व्यावसायिक प्रदर्शन के आधार पर किया गया. इन मानदंडों के अनुसार चीनी मोबाइल ऐप वीचैट ने फेरारी को पीछे छोड़कर दुनिया के सबसे मजबूत ब्रॉन्ड का खिताब हासिल किया.


2.Economic Survey 2020-21: जानिये क्या है इकोनॉमिक सर्वे, और क्या है इसका महत्व

आर्थिक सर्वेक्षण सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था की समीक्षा प्रस्तुत करती है. यह एक वार्षिक दस्तावेज़ है. इसे बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है. पिछले एक साल में देश में हुए विकास, निवेश और योजनाओं एवं इसके क्रियान्वयन आदि के बारे में जानकारी दी जाती है.


आर्थिक सर्वेक्षण को आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) तैयार करता है. यह जानकारी इस सर्वे में दी जाती है कि वर्तमान में देश के मनी सप्लाई का ट्रेंड क्या है. इसके अतिरिक्त यह देश में कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे के साथ साथ आयात निर्यात का लेखा जोखा होता है.


3.प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है, जानें कैसे उठाए स्कीम का फायदा

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की कुशल भारत मिशन की प्रमुख योजना पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत कौशल विकास को ज्यादा मांग आधारित बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि पीएमकेवीवाई 3.0 में जिला कौशल समितियों को जोड़कर एक नई पहल की शुरुआत की गई है.


पीएमकेवीवाई के ट्रेनिंग के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है. पीएमकेवीवाई में 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है. कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, जो पूरे देश में मान्‍य है. ट्रेनिंग करने के बाद सरकार रोजगार मेलों के जरिए नौकरी दिलाने में भी सहायता करती है.


4.डिजिटल करेंसी लाने की तैयारी में आरबीआई, क्या बदल जाएगा लेन-देन का तरीका?

आरबीआई का मानना है कि भुगतान उद्योग (Payment Industry) के तेजी से बदलते हालात, निजी डिजिटल टोकनों (Digital Token) का चलन और कागज के नोट या सिक्कों को तैयार करने में बढ़ते खर्च की वजह से काफी समय से आभासी मुद्रा की जरूरत महसूस हो रही है.


अगर डिजिटल करंसी चलन में आ जाती है तो ट्रांजैक्शन और उसके तरीके पूरी तरह से बदल जाएंगे. नोटों और सिक्कों की जगह डिजिटल करंसी का इस्तेमाल होगा जो भारत में नया चलन होगा. लेन-देन के तरीकों में तो बदलाव होगा ही, इससे काले धन पर भी रोक लगेगी.


5.एफडीआई निवेश के मामले में चीन पहले स्थान पर, अमेरिका को पीछे छोड़ा

अमेरिका इससे पहले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिहाज़ से शीर्ष देश था. लेकिन बीते साल यहां विदेशी कंपनियों का प्रत्यक्ष निवेश लगभग आधे से भी कम रहा. यही वजह है कि अब चीन एफडीआई निवेश के मामले में नंबर एक हो गया है. साल 2020 में भारत में आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.


संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन में पिछले साल 163 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ जबकि अमेरिका में 134 अरब डॉलर का निवेश हुआ. इससे पहले साल 2019 में अमेरिका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 251 अरब डॉलर था जबकि चीन इससे काफी पीछे था.


6.पद्म पुरस्कार 2021: लोकसभा की पूर्व अध्यबक्ष सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण, यहां देखें पूरी सूची

जापान के पूर्व प्रधान मंत्री शिंजो आबे, बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत), सैंड कलाकार सुदर्शन साहू, पुरातत्वविद बीबी लाल को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है. इस बार सात हस्तियों को पद्म विभूषण, 10 को पद्म भूषण और 102 को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म पुरस्‍कारों के घोषण पर कहा कि हमें उन सभी पर गर्व है जिन्हें पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. भारत राष्ट्र और मानवता के लिए उनके योगदान को स्वीकार करता है. पद्म विभूषण सम्मान भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला दूसरा उच्च नागरिक सम्मान है, जो देश के लिये असैनिक क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान के लिये दिया जाता है.


7.2021 में 11.5 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर: IMF

कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एकमात्र देश है जिसकी आर्थिक वृद्धि दर इस साल दहाई अंक में होगी. आईएमएफ ने 26 जनवरी 2021 को जारी अपने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में वृद्धि का अनुमान जताया है. यह अर्थव्यवस्था में तेजी से पुनरुद्धार को बताता है.


साल 2020 में महामारी के कारण इसमें आठ प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है. मुद्राकोष के अनुसार 2022 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत और चीन की 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस ताजा अनुमान के साथ भारत दुनिया की तीव्र आर्थिक वृद्धि वाला विकासशील देश का दर्जा फिर से हासिल कर लिया है.


8.गणतंत्र दिवस 2021: राजपथ पर दिखी भारत की ताकत व सांस्कृतिक विरासत की झलक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड से पहले नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी रहे. इसके बाद उन्होंने राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया. राजपथ पर भारत ने परेड के जरिए दुनिया को अपनी शक्ति की झलक दिखाई.


बता दें कि इस बार परेड में कोई मुख्य अतिथि नहीं है. कोरोना महामारी के कारण ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने अपनी यात्रा रद कर दी है. इससे पहले साल 1952, साल 1953 और साल 1966 में भी गणतंत्र दिवस परेड के लिए कोई मुख्य अतिथि नहीं था.


9.स्पेसएक्स ने तोड़ा भारत का रिकॉर्ड, एक रॉकेट से लॉन्च किए 143 सैटेलाइट

कंपनी ने एक ही रॉकेट से 143 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेज दिया है. आपकों बता दें कि स्पेसएक्स अरबपति कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी है. आपको बता दें कि इससे पहले ये कीर्तिमान भारत के नाम था. भारत ने साल 2017 में एक रॉकेट से 104 सैटेलाइट को लांच करने का रिकॉर्ड बनाया था.


सैटेलाइट को लॉन्च करने का कार्यक्रम लगभग 90 मिनट तक चला. हर एक सकेंड के अंतराल पर सैटेलाइट अंतरिक्ष में जा रही थी. इन सैटेलाइट की मदद से स्पेसएक्स कंपनी साल 2021 तक ग्लोबल ब्रॉडबैंड इटरनेट की सुविधा देगी.


10.राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2021: जानें इसका इतिहास और महत्व

राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का उद्देश्य युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना है. मतदान करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का अधिकार है क्योंकि प्रत्येक वोट नई सरकार और लोकतंत्र के भाग्य का फैसला करता है. इस वर्ष के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का विषय ‘मतदाताओं को सशक्त, सचेत, सुरक्षित और जागरूक’ (Making Our Voters Empowered, Vigilant, Safe and Informed) बनाना है.


चुनाव आयोग का उद्देश्य उन सभी व्यस्कों और पात्र मतदाताओं की पहचान करना है, जिनकी उम्र एक जनवरी को पूरे देश के सभी मतदान केंद्रों में 18 वर्ष हो गई है. भारत में मतदान के लिए 18 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है. चुनाव आयोग मतदाता को एक पहचान पत्र प्रदान करता है. इसे मतदाता पहचान पत्र भी कहा जाता है.



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