Wednesday, December 9, 2020

पहले अपनी उत्तर पुस्तिका देखेंगे छात्र फिर दे सकेंगे मूल्यांकन को चुनौती , प्रदेश के सभी विवि में लागू हुई चुनौती मूल्यांकन की नयी गाइडलाइन्स , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

पहले अपनी उत्तर पुस्तिका देखेंगे छात्र फिर दे सकेंगे मूल्यांकन को  चुनौती , प्रदेश के सभी विवि में लागू हुई चुनौती मूल्यांकन की नयी गाइडलाइन्स , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




परीक्षा में मिले नंबरों से असंतुष्ट छात्र अब मूल्यांकन को दो चरण में चुनौती दे सकेंगे। पहले चरण में वे उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखेंगे और मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर चुनौती मूल्यांकन के लिए दूसरे चरण में आवेदन करेंगे। राजभवन ने उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के लिए चुनौती मूल्यांकन की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस नई व्यवस्था से छात्रों को ज्यादा फीस नहीं चुकानी पड़ेगी और यदि उनको लगता है कि मूल्यांकन को चुनौती देना सही होगा तो वे चुनौती दे सकेंगे।

रुहेलखंड विवि में चैलेंज मूल्यांकन की व्यवस्था थी पर यह एक ही चरण की थी। इसमें छात्र को सीधे मूल्यांकन को चुनौती देने के लिए आवेदन करना पड़ता था और इसके बाद उसकी कॉपी विशेषज्ञ से जंचवाई जाती थी। ज्यादातर मामलों में छात्रों के नंबर नहीं बढ़ते थे पर उनको इसके लिए दो से 10 हजार रुपये शुल्क जमा करना पड़ता था। राजभवन ने इसको लेकर सभी विवि से चुनौती मूल्यांकन की नई गाइडलाइन तैयार करने को लेकर सुझाव मांगे और इनको शामिल कर चुनौती मूल्यांकन की एक समान गाइडलाइन तैयार कर विवि को भेज दी है। इसके तहत पूरी प्रक्रिया दो चरणामें में होगी। पहले चरण में स्कैन कॉपी देखने के ऑनलाइन आवेदन करते हुए प्रति प्रश्नपत्र 300 रुपये जमा करना होगा। इससे संतुष्ट न होने पर 2500 रुपये प्रति प्रश्नपत्र शुल्क जमा कर दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। 

पहले चरण के लिए रिजल्ट जारी होने से 30 दिन में करना होगा आवेदन
नई गाइडलाइन के तहत पहले चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन परिणाम जारी होने के 30 दिनों के भीतर करना होगा। इसके लिए प्रति प्रश्नपत्र 300 रुपये शुल्क देना होगा। उनको स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका का खुल मूल्यांकन करेगा। उसको लगेगा कि नंबर कम हैं तो वे दूसरे चरण के लिए आवेदन करेगा। 

दूसरे चरण के लिए 45 दिन में करना होगा आवेदन
दूसरे चरण के लिए छात्र को परिणाम जारी होने के 45 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। इसके लिए प्रतिप्रश्नपत्र 2500 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। इसके बाद विवि परीक्षक की नियुक्ति कर उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच कराएगा। 

चार चरणो में होगी चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया
चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया चार चरणों में होगी। प्रश्नपत्र के चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण के लिए विभागाध्यक्ष चार विषय विशेषज्ञों का पैनल तैयार करेंगे। यह पैनल कुलपति और परीक्षा नियंत्रक के पास जाएगा और इनमें से दो एक्सपर्ट का चयन होगा। विषय विशेषज्ञ का चयन कुलपति की ओर से गठित कमेटी करेगी। इसमें उत्तर पुस्तिका को एक्सपर्ट के सामने रखने से पहले मूल परीक्षक द्वारा दिए नंबर छुपा दिए जाएंगे, ताकि एक्सपर्ट सही से इसका मूल्यांकन कर सके। 

औसत निकालकर मिलेंगे नंबर
चुनौती मूल्यांकन के बाद नंबर कैसे मिलेंगे इसको लेकर भी स्थति स्पष्ट की गई है। इसमें दोनों विषय विशेषज्ञों की ओर से दिए गए नंबरों का औसत निकाला जाएगा। यही औसत छात्र की मार्कशीट पर अंकित किया जाएगा, चाहे वह मूल प्राप् तांक से कम हो या अधिक। गाइडलाइन के अनुसार औसत और मूल प्राप्तांक में 20  प्रतिशत का अंतर मिलने पर परीक्षार्थी द्वारा जमा किए गए शुल्क में से 1000 रुपये काटकर वापस कर दिया जााएगा। 

मुख्य बिंदु
- प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू हुई चुनौती मूल्यांकन की नई गाइडलाइन
- मूल्यांकन में लापरवाही पर परीक्षकों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी, डिबार किए जाएंगे
- पहले चरण में 300 रुपये खर्च कर देख सकेंगे अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी
- असंतुष्ट होने पर प्रति विषय 2500 रुपये फीस देकर करा सकेंगे चुनौती मूल्यांकन
- राजभवन ने सभी राज्य विवि के लिए एक समान मूल्यांकन की गाइडलाइन जारी की
- चुनौती मूल्यांकन करने वाले परीक्षक  मूल परीक्षक के दिए नंबर नहीं देख सकेंगे 

परीक्षक बनेंगे जिम्मेदार, लापरवाही पर होंगे डिबार
चुनौती मूल्यांकन में प्राप्तांक में 20 प्रतिशत से अधिक बदलाव होने पर मूल परीक्षक को नोटिस भी भेजा जाएगा। ऐसे परीक्षक जिनके तीन से अधिक प्रकरण एक ही प्रश्नपत्र या उससे अधिक में आते हैं तो उसका पारिश्रमिक रोक दिया जाएगा। पांच से अधिक ऐसे केस आए तो उस परीक्षक को दो साल के लिए डिबार किया जाएगा। यही नहीं 10 मामले किसी परीक्षक के एक ही प्रश्नपत्र में मिले तो उसको डिबार करने के साथ उसकी निजी विवरण पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्ठि कर दी जाएगी। 

 


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