Thursday, December 10, 2020

मुरादाबाद के पुलिस कर्मियों पर चढ़ा श‍िक्षक बनने का जुनून, इस्‍तीफा देकर चुन रहे सुकून की नौकरी , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

 मुरादाबाद के पुलिस कर्मियों पर चढ़ा श‍िक्षक बनने का जुनून, इस्‍तीफा देकर चुन रहे सुकून की नौकरी , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 




एक समय था जब युवाओं के मन में खाकी पहनने का जुनून सवार था। लेकिन बीेते कुछ सालों में जिस तरह से पुलिस कर्मियों पर काम का दबाव बढ़ा है, ऐसे में उनका खाकी से मोह भंग हो रहा है। सुकून की नौकरी करने की चाहत में अब युवा खाकी की नौकरी से त्याग पत्र देने में जुट गए हैं।

बीते दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की है। शिक्षक बनने की चाह में युवाओं ने पुलिस की नौकरी से त्यागपत्र देना उचित समझा है। पुलिस कर्मियों के द्वारा लगातार दिए जा रहे इस्तीफे से अफसर भी परेशान हैंं। मुरादाबाद जनपद में अभी तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी के पास तीन पुलिस कर्मियों के इस्तीफे आ गए हैं। इन इस्तीफों को स्वीकार करने के साथ ही इन पुलिस कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। अफसरों को अंदेशा है कि अभी और भी पुलिस कर्मियों को इस्तीफे आ सकते हैंं।


पे-स्केल बेहतर, छुट्टी भी मिलेगी

पुलिस की नौकरी में 15 घंटे तक एक पुलिस कर्मी को औसतन ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके साथ ही छुट्टी न मिलने के कारण भी पुलिस कर्मी परेशान रहते हैंं। वहीं शिक्षक की नौकरी में सुविधाएं ज्यादा हैंं। एक शिक्षक का पे-ग्रेड 4200 रुपये होता है, जबकि पुलिस कर्मी का पे-ग्रेड उससे आधा दो हजार रुपये का है। वहीं पुलिस को साल में अधिकतम 60 छुट्टियां स्वीकृत हो सकती हैंं,जबकि शिक्षक को पूरे साल में लगभग सौ छुट्टियां आसानी से मिल जाती है। जबकि पुलिस कर्मियों को स्वीकृत छुट्टी का भी लाभ नहीं मिल पाता है। पुलिस कर्मियों के मुताबिक औसतन साल में उन्हें बमुश्किल 15 से 20 छुट्टी का लाभ ही मिल पाता है। ऐसे में ड्यूटी के समय तनाव का सामना भी करना पड़ता है। वहीं परिवार से लगातार दूरी के कारण भी पुलिस कर्मी नौकरी छोड़ रहे हैं।

बेहतर नौकरी की चाहत हर किसी को होती है। ऐसे में अगर किसी को भी बेहतर विकल्प मिलता है,तो वह नौकरी छोडऩे का फैसला ले लेता है। जिले में अभी तक तीन पुलिस कर्मियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं। इनका चयन शिक्षक के लिए हुआ है। पुलिस कर्मियों की सुविधाओं और हितों के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

प्रभाकर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद