Monday, November 23, 2020

UPSSSC: नई, पुरानी व लंबित भर्तियों पर मंथन 26 नवम्बर को, द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत नई भर्ती कार्यक्रम पर होगा विचार


UPSSSC: नई, पुरानी व लंबित भर्तियों पर मंथन 26 नवम्बर को, द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत नई भर्ती कार्यक्रम पर होगा विचार।


शासन से द्विस्तरीय भर्ती प्रणाली की मंजूरी के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी ) की 26 नवंबर को होने वाली बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ नई भर्ती कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर विचार की संभावना है।

आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने बताया कि 26 नवंबर को होने वाली बैठक में भर्ती कार्यवाही शुरू करने पर चर्चा होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से जब लिखित परीक्षा आदि नहीं हो सकती थी, लंबित रिजल्ट जारी करने का काम किया गया। अब भर्ती की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। आयोग आगे को कार्यवाही का कैलेंडर भी तैयार करेगा।



आयोग में नई भर्ती कार्यवाही द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के इंतजार में पिछले एक वर्ष से फंसी थी। अब मंजूरी के बाद नई प्रणाली के अंतर्गत भर्ती कैलेंडर फाइनल किया जाना है। इसके अलावा सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा प्रतियोगात्मक भर्ती-2019 की प्री-परीक्षा का आयोजन पिछले साल 30 सितंबर व एक अक्तूबर को हुआ था। 9 महीने बाद इस वर्ष जून में प्री परीक्षा का रिजल्ट आ गया। अब पांच महीने से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह वनरक्षक एवं वन्य जीव रक्षक प्रतियोगात्मक भर्ती-2019, सहायक बोरिंग टेक्नीशियन (सामान्य चयन) प्रतियोगात्मक भर्ती-2019 तथा सहायक सांख्यिकीय अधिकारी एवं सहायक शोध अधिकारी सांख्यिकीय सामान्य चयन प्रतियोगात्मक भर्ती-2019 के परीक्षा पाठ्यक्रम तथा परीक्षा योजना प्रकाशित हो चुकी है। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा होनी है। अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं।

सम्मिलित अवर अभियंता एवं उप वास्तुविद (सामान्य चयन) प्रतियोगात्मक भर्ती 2016 (द्वितीय) तथा सम्मिलित अवर अभियंता संगणक एवं फोरमैन सामान्य चयन प्रतियोगात्मक भर्ती-2018 की लिखित परीक्षा होनी है। इनके आवेदक भी परेशान हैं। होम्योपैथिक फार्मासिस्ट सामान्य चयन प्रतियोगात्मक परीक्षा 2019 का परिणाम भी लंबित है।

आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने बताया कि 26 नवंबर को होने वाली बैठक में भर्ती कार्यवाही शुरू करने पर चर्चा होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से जब लिखित परीक्षा आदि नहीं हो सकती थीं, लंबित रिजल्ट जारी करने का काम किया गया। अब नई व पुरानी भर्ती की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। आयोग आगे की कार्यवाही का कैलेंडर भी तैयार करेगा।