Wednesday, November 25, 2020

UPPSC : पीसीएस प्री-2020 का संशोधित परिणाम जारी, पूर्व में चयनित 1131 अभ्यर्थी बाहर


UPPSC : पीसीएस प्री-2020 का संशोधित परिणाम जारी, पूर्व में चयनित 1131 अभ्यर्थी बाहर

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से बीती 21 नवम्बर को जारी पीसीएस प्री-2020 का परिणाम तकनीकी खामी होने के कारण गलत जारी हो गया था। मामला पकड़ में आने के बाद पीसीएस प्री परीक्षा-2020 के परिणाम निरस्त करते हुए संशोधित परिणाम आयोग ने जारी कर दिया है। पूर्व में जारी परिणाम में 5393 अभ्यर्थी प्री परीक्षा में सफल घोषित किए गए थे। वहीं, संशोधित परिणाम में 5535 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है।


आयोग की ओर से बताया गया कि दो पदों श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी में तकनीकी खामी के कारण पीसीएस प्री-2020 के परिणाम गलत जारी हो गए थे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी पद के विज्ञापन में अंकित पद क्रमांक तथा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में प्रदर्शित पद क्रमांक में भिन्नता होने से परिणाम में त्रुटि हुई। बाल विकास परियोजना अधिकारी के 967 अभ्यर्थी अर्हता पूरी नहीं करने की वजह से बाहर हुए हैं। वहीं, श्रम प्रवर्तन अधिकारी पद की पूर्व में चयनित सूची से 139 अभ्यर्थी अर्हता पूरी नहीं करने की वजह से बाहर हो गए हैं। 25 अभ्यर्थी कटऑफ की वजह से बाहर हुए हैं।





-पूर्व में चयनित 1131 अभ्यर्थी हुए बाहर

प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2020 का पूर्व में घोषित परिणाम निरस्त होने से 1131 अभ्यर्थियों को झटका लगा है। वहीं, संशोधित परिणाम का लाभ 1481 अभ्यर्थियों को मिला है। जिन दो पदों श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी की वजह से परिणाम में त्रुटि हुई थी। पीकेएम इन्हीं पदों के परिणाम में बदलाव हुआ है। संशोधित परिणाम में बाल विकास परियोजना अधिकारी में अब 1361 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। जिनमें 1335 अभ्यर्थी नए चयनित हुए हैं और 28 पुराने हैं। इसके साथ ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी में 228 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। जिनमें 148 अभ्यर्थी नए चयनित हुए हैं और 90 अभ्यर्थी पुराने हैं।



कटऑफ बढ़ने से भी हुए बाहर

पीसीएस प्री परीक्षा-2020 का परिणाम बदलने से कुल परिणाम में 142 अभ्यर्थी ज्यादा चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों के बढ़ने की वजह से कटऑफ लिस्ट पर भी असर पड़ा है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी पद पर कटऑफ बढ़ने से कम अंक वाले 25 अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ है। कटऑफ बढ़ने की वजह से बाल विकास परियोजना अधिकारी के 20 अभ्यर्थी चयनितों की सूची से बाहर हो गए हैं। वहीं, श्रम प्रवर्तन अधिकारी के 5 अभ्यर्थियों को कटऑफ की वजह से चयनित सूची से बाहर होना पड़ा।






पीसीएस प्री उत्तीर्ण 1131 अभ्यर्थी हुए बाहर, नए बढ़े।

प्रयागराज : पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के तीसरे दिन ही बदल गया है। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 1131 अभ्यर्थी बाहर कर दिए गए हैं, उनकी जगह नए अभ्यर्थियों को मौका मिला है। साथ ही ओवरआल रिजल्ट में सफल होने वालों की कुल संख्या में 142 की बढ़ोतरी हुई है। ज्ञात हो कि 21 नवंबर को कुल 5,393 सफल हुए थे, अब संख्या बढ़कर 5,535 हो गई है। यह उलटफेर दो विशिष्ट अर्हता वाले पदों को लेकर हुआ है, क्योंकि तकनीकी चूक से इसमें ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हो गया था, जो संबंधित पद की अर्हता ही नहीं रखते थे। आयोग ने संशोधित रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। अभ्यर्थी उसे देख सकते हैं।




आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि पीसीएस परीक्षा के विज्ञापन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी के अंकित पद क्रमांक व आनलाइन आवेदन प्रक्रिया में प्रदर्शित पद क्रमांक में भिन्नता होने के कारण दोनों पदों की निर्धारित अनिवार्य शैक्षिक अर्हता रखने वालों व उन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के सही डेटा तकनीकी त्रुटि से उपयोग में नहीं लाए जा सके। आयोग ने दोनों पदों का 21 नवंबर को जारी परिणाम निरस्त करके संशोधित रिजल्ट जारी किया है। बाकी परीक्षा परिणाम यथावत है। इंटरनेट मीडिया पर प्रतियोगियों ने सवाल उठाया था कि जिन अभ्यर्थियों का एकाउंट से लेना-देना नहीं उनका और सीडीपीओ पद पर समाजशास्त्र न लेने वालों का भी चयन हुआ है।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी : आयोग ने 21 नवंबर को इस पद के सापेक्ष 234 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया था। उनमें से 139 अभ्यर्थी ऐसे थे जिनके पास पद की अर्हता नहीं थी। साथ ही पांच अभ्यर्थी ऐसे भी बाहर हुए हैं, जो अर्ह थे लेकिन, अब कटआफ बढ़ने से मेंस के लिए योग्य नहीं है। यानी 90 पहले से अर्ह और 148 नए अभ्यर्थियों सहित कुल 238 को सफल घोषित किया गया है।