Tuesday, November 24, 2020

महिलाओं को माहवारी के अवकाश पर विचार करे सरकार: न्यायालय - Supreme Court


महिलाओं को माहवारी के अवकाश पर विचार करे सरकार: न्यायालय - Supreme Court

नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान अवकाश देने की मांग पर विचार करने को कहा है। न्यायालय ने सरकारों को मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका को बतौर प्रतिवेदन स्वीकार करने और समुचित और तार्किक निर्णय लेने का निर्देश दिया है।



मुख्य न्यायाधीश धीरूभाई नारायणभाई पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने दोनों सरकारों से कानून, नियम-कायदों और इस तरह के मामलों में लागू होने वाली नीति के अनुरूप जल्द से जल्द फैसला करने को कहा है। पीठ ने कहा कि फैसला व्यावहारिक होना चाहिए। 


इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने दिल्ली कामगार संघ की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका में संघ ने सभी वर्ग की महिला कर्मचारियों को महीने में चार दिन का अवकाश देने की मांग की थी। इसमें कहा गया कि माहवारी के दौरान भी यदि कर्मचारी काम करती हैं तो उन्हें अतिरिक्त समय काम करने लिए दिया जाने वाला भत्ता दिया जाए। याचिकाकर्ता ने पीठ को बताया कि यह याचिका सिर्फ अवकाश से संबंधित नहीं है, बल्कि जीवन के अधिकार और महिला कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा है।


नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि सरकारी, निजी व संविदा व दिहाड़ी पर काम करने वाली महिलाओं को माहवारी के लिए अवकाश देने पर विचार करे।


मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि दिल्ली व केंद्र सरकार इस संबंध में दायर याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर ले। दिल्ली लेबर यूनियन की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया था कि माहवारी के दौरान चार दिनों का अवकाश व अलग से शौचालय एवं सैनिटरी नैपकिन दिया जाए। इस तरह की सुविधाएं बिहार समेत कई राज्य सरकारें मुहैया करा रही हैं।