Friday, November 6, 2020

ग्राम विकास अधिकारी-2016 का मामला : अधीनस्थ चयन आयोग को ओएमआर शीट की प्रति देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया निर्देश।


UPSSSC भर्ती : एक अंक से असफल अभ्यर्थी को ओएमआर शीट की कॉपी देने का निर्देश।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को एक अंक से चयनित होने से वंचित रह गए अभ्यर्थी को ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट की कॉपी देने का निर्देश दिया है। ताकि वह देख सके कि उसे कितने अंक मिलना चाहिए और फिर वह उचित फोरम में अपनी बात रख सके।

यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कानपुर नगर के मृत्युंजय सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एमए सिद्दीकी ने बहस की। एडवोकेट एमए सिद्दीकी का कहना है कि याची घोषित परिणाम में 76 अंक मिले हैं और इस भर्ती का कट ऑफ मार्क्स 77 अंक हैं। याची एक अंक से चयनित होने से वंचित रह गया। वह लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल रहा। उसके बाद उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। याची का कहना है कि उसने अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं।उसके मुताबिक उसे अधिक अंक मिलना चाहिए इसलिए ओएमआर शीट देखने की अनुमति दी जाए।

कोर्ट ने याची को आदेश की कॉपी के साथ एक सप्ताह में आयोग को ओएमआर शीट दिखाने की अर्जी देने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि आयोग याची को ओएमआर शीट की कॉपी मुहैया कराए।

ग्राम विकास अधिकारी-2016 का मामला : अधीनस्थ चयन आयोग को ओएमआर शीट की प्रति देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया निर्देश।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ को एक अंक से चयनित होने से वंचित रहे याची को ग्राम विकास अधिकारी भर्ती की ओएमआर शीट की प्रति देने का निर्देश दिया है। जिससे याची देख ले कि उसे कितने अंक मिले हैं और वह उचित फोरम में अपनी बात रख सके। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कानपुर नगर के मृत्युंजय सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एमए सिद्दीकी ने बहस की।




याची का कहना है कि आयोग ने 2016 में ग्राम विकास अधिकारी पद की भर्ती निकाली थी। याची को घोषित परिणाम में 76 अंक मिले है, जबकि कटऑफ 77 अंक है। इससे याची एक अंक से चयनित होने से वंचित रह गया। उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। याची का कहना कि उसने अधिक सवालों के सही उत्तर दिये। उसे अधिक अंक मिलना चाहिए। ऐसे में याची को ओएमआर शीट देखने की अनुमति दी जाए।