Wednesday, October 21, 2020

UPPSC ::: पीसीएस भर्ती 2018 में स्केलिंग के मुद्दे को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने आयोग के सामने किया प्रदर्शन , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट

UPPSC ::: पीसीएस भर्ती 2018  में स्केलिंग के मुद्दे को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने आयोग के सामने किया प्रदर्शन , क्लिक करे और पढ़े पूरी पोस्ट 


पीसीएस-2018 में विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप स्केलिंग हुई या नहीं, इस मुद्दे पर मंगलवार को प्रतियोगी छात्रों और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के उप सचिव एवं मीडिया प्रभारी पुष्कर श्रीवास्तव के बीच हुई वार्ता किसी नतीजे पर न हीं पहुंच सकी। इससे पूर्व प्रतियोगी छात्रों ने यूपीपीएससी का घेराव और धरना-प्रदर्शन भी किया। अन्य मांगों पर भी प्रतियोगियों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश प्रतियोगी छात्र मंच के बैनर तले छात्र सुबह 11 बजे से ही आयोग के बाहर जुटने लगे थे और कुछ ही देर में उनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। छात्र आयोग के अध्यक्ष से मिलने के लिए अड़े थे। अध्यक्ष नहीं मिले तो छात्रों ने कहा कि सचिव से मुलाकात कराई जाए। चार घंटे तक चली मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से छात्रों की वार्ता आयोग के उप सचिव एवं मीडिया प्रभारी पुष्कर श्रीवास्तव से कराई गई।

मीडिया प्रभारी ने कहा कि पीसीएस-2018 में स्केलिंग हुई है। छात्रों ने इस पर लिखित जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कि आरटीआई से जवाब पूछ लें। इस पर छात्रों ने आरटीआई के तहत अगस्त 2020 में दिया गया आवेदन भी दिखाया, जिस पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसके बाद भी ऐसे दर्जनों आवेदन आरटीआई के तहत आयोग में दिए गए, जिसमें पूछा गया है कि पीसीएस में विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप स्केलिंग लागू हुई या नहीं।

छात्रों ने पीसीएस समेत अन्य परीक्षाओं में परिणाम के साथ वेटिंग लिस्ट जारी करने, मुख्य परीक्षा के लिए पदों की संख्या के मुकाबले 18 गुना एवं इंटरव्यू के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई कराए जाने और पीसीएस मुख्य परीक्षा में रक्षा अध्ययन एवं समाज कार्य विषय को पुन: शामिल किए जाने की मांग की, जिस पर आश्वासन मिला कि आयोग के समक्ष उनकी बात रखी जाएगी। यह आश्वासन भी मिला कि एक माह में पीसीएस-2018 की मार्कशीट जारी की जाएगी।
छात्रों की यह मांग भी है कि 20 फीसदी महिला आरक्षण सिर्फ यूपी की महिलाओं को मिले, इस पर मीडिया प्रभारी ने कहा कि यह मामला न्यायालय से संबंधित है। अभ्यर्थियों को जब किसी भी मुद्दे पर सीधा जवाब नहीं मिला तो उन्हें आयोग को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि अगर इस दौरान उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो छात्र फिर आंदोलन करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश प्रतियोगी छात्र मंच के अध्यक्ष संदीप सिंह, अमित पांडेय, चंद्रशेखर सिंह, सौरभ सिंह, आलोक सिंह समेत सैकड़ों प्रतियोगी छात्र मौजूद रहे।
कई मुद्दों को शासन स्तर का बताकर झाड़ा पल्ला
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि आयोग के मीडिया प्रभारी ने कई मुद्दों का शासन स्तर का बताकर पल्ला झाड़ लिया। प्रतियोगियों की मांग है कि बाहरी अभ्यर्थियों के लिए राज्य चयन में सिर्फ पांच फीसदी कोटा तय किया जाए, लोअर पीसीएस की भर्तियां यूपीपीएससी में हों, पीसीएस-2018 से पैटर्न में हुए बदलाव से प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर मिले, लेकिन इन मांगों पर मीडिया प्रभारी ने कहा कि यह शासन स्तर का मामला है।



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