Monday, September 21, 2020

कोरोना का खौफ ::: समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी प्री परीक्षा में 36 फीसदी अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा , पिछली बार दोगुने अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

कोरोना का खौफ ::: समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी प्री परीक्षा में  36  फीसदी अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा , पिछली बार दोगुने अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


 


 समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 की रविवार को हुई प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति महज 36.4 फीसदी रही। परीक्षा प्रदेश के 17 जिलों के 823 केंद्रों में आयोजित की गई। उपस्थिति कम होने की वजह कोविड-19 को माना जा रहा है। इससे पूर्व यह परीक्षा नवंबर-2016 में हुई थी, जिसमें पंजीकृत अभ्यर्थियों में आधे से अधिक उपस्थित हुए थे। हालांकि पेपर लीक प्रकरण में यह परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। आरओ/एआरओ परीक्षा-2016 के तहत कुल 361 पदों पर भर्ती होनी है। सामान्य चयन के 356 और विशेष (बैकलॉग) चयन के पांच पद हैं। इनमें आरओ/एआरओ के 303 पद हैं और बाकी पद राजकीय बचत में स्टेटिकल असिस्टेंट, महिला एवं बाल कल्याण में इंवेस्टिगेटर कम कंप्यूटर, बाट माप विभाग में इंवेस्टिगेटर कम कंट्रोलर, असिस्टेंट मलेरिया अफसर, जूनियर ऑडिटर जैसे विशेष योग्यता वाले हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए तीन लाख 85 हजार 122 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और इनमें से महज एक लाख 40 हजार 353 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए।

इस परीक्षा के लिए नए आवेदन नहीं लिए गए थे। परीक्षा का विज्ञापन वर्ष 2016 में जारी हुआ था और नवंबर 2016 में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक मामले में परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। उस वक्त परीक्षा में 52 फीसदी से अधिक अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे, लेकिन रविवार को दोबारा हुई परीक्षा में उपस्थिति बहुत कम रही। माना जा रहा है कि इस बार कोविड-19 के कारण उपस्थिति काफी कम रही।

यह हालत तब है, जब आयोग ने परीक्षार्थियों से उनके मनपसंद परीक्षा केंद्र के लिए तीन जिलों के विकल्प मांगे थे। परीक्षा से पूर्व तमाम अभ्यर्थियों ने कोविड-19 के कारण परीक्षा स्थगित करने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने उन अभ्यर्थियों से कहा कि अगर परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो अपना अभ्यर्थन वापस ले सकते हैं। इसके बाद 147 अभ्यर्थियों ने अपना अभ्यर्थन वापस ले लिया था। नतीजा सामने है। आरओ/एआरओ-2016 में उम्मीद से काफी कम उपस्थित रही।

उपस्थिति में प्रयागराज रहा अव्वल

आरओ/एआरओ की परीक्षा में प्रदेश भर में अभ्यर्थियों की उपस्थिति भले ही निराशाजनक रही, लेकिन प्रयागराज में अभ्यर्थियों की उपस्थिति सर्वाधिक रही। प्रयागराज के 103 केंद्रों में परीक्षा के लिए 47 हजार 477 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और इनमें से 29940 अभ्यर्थी (63.03) फीसदी उपस्थित रहे।

परीक्षा केंद्रों में हावी रही अव्यवस्था

आरओ/एआरओ-2016 की परीक्षा के दौरान ज्यादातर परीक्षा केंद्रों में अव्यवस्था हावी रही। एक बेंच पर दो-दो अभ्यर्थी बैठाए गए थे। कमरे में कुल 48 अभ्यर्थी थे। परीक्षा केंद्रों में सैनिटाइजर या हैंडवॉश की कोई व्यवस्था नहीं थी। बम्हरौली के एक केंद्र में परीक्षा देने गए अभ्यर्थी प्रशांत पांडेय ने बताया कि अभ्यर्थी अपने साथ पानी की बोतल और सैनिटाइजरर ले गए थे, लेकिन केंद्र में सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं थी।

काले कपड़े पहनकर पहुंचे कई अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए काले कपड़े पहनकर परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया था। अलग-अलग केंद्रों में कई अभ्यर्थी काले कपड़े पहने नजर आए। अभ्यर्थी परीक्षा में माइनस मार्किंग लागू होने समेत कई मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग ने विज्ञापन की शर्तों के विपरीत परीक्षा में माइनस मार्किंग लागू की। साथ ही अन्य परीक्षाओं में भी आयोग विज्ञापन की शर्तों से छेड़छाड़ कर रहा है।



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