Tuesday, August 11, 2020

UPPSC ::: एलटी ग्रेड भर्ती मामले में इसी माह दाखिल होगी चार्जशीट , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

UPPSC ::: एलटी ग्रेड भर्ती मामले में इसी माह दाखिल होगी चार्जशीट , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में पेपर आउट मामले में एसटीएफ इसी माह चार्जशीट दाखिल कर देगी। यह आश्वासन एसटीएफ के विवेचना अधिकारी ने अभ्यर्थियों से हुई वार्ता में दिया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के लिए भी हिंदी और सामाजिक विज्ञान के रिजल्ट पर निर्णय लेने का रास्ता साफ हो जाएगा, क्योंकि पूर्व में अभ्यर्थियों के साथ हुई वार्ता के दौरान आयोग अध्यक्षा ने यही आश्वासन दिया था कि एसटीएफ की ओर से चार्जशीट दाखिल होते ही आयोग दोनों विषयों के रिजल्ट पर निर्णय लेगा।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत 15 विषयों में 10768 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें से 13 विषयों का रिजल्ट जारी किया जा चुका है और चयनितों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
वहीं, सामाजिक और हिंदी विषय का रिजल्ट पेपर आउट मामले में फंसा हुआ है, जिसकी जांच एसटीएफ कर रही है। जबकि, इन्हीं दोनों विषयों में सबसे अधिक भर्तियां होनी है। हिंदी और सामाजिक विज्ञान में एलटी ग्रेड शिक्षक के 3287 पद हैं, जिनमें हिंदी के 1433 और सामाजिक विज्ञान के 1854 पद शामिल हैं। एक लाख से अधिक अभ्यर्थी इन दोनों विषयों की परीक्षाओं में शामिल हुए थे। परीक्षा को साल बीत चुके हैं। एसटीएफ की जांच अधूरी है और रिजल्ट भी फंसा हुआ है। सोमवार को एलटी ग्रेड समर्थक मोर्चा के तहत आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी के एसएससी और सीओ सदर से मुलाकात की। अभ्यर्थियों और विवेचक के बीच दो घंटे तक वार्ता चली। विवेचक ने प्रतियोगियों को आश्वस्त किया कि 14 अगस्त को एसटीएफ की एक टीम कोलकाता रवाना होगी और तीन जिलों कोलकाता, आसनसोल एवं मोदिनीपुर के तीन अभियुक्तों के खिलाफ सीआरपीसीए की धारा-83 की तामील करने के बाद 25 अगस्त तक वाराणसी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।

विवेचक ने अभ्यर्थियों को यह भी बताया कि 31 जुलाई तक कोलकाता में संपूर्ण लॉकडाउन होने के कारण मामले में देर हो गई, अन्यथा अब तक चार्जशीट दाखिल कर दी गई होती। एलटी समर्थक मोर्चा के संयोजक विक्की खान एवं प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद आयोग को रिजल्ट देना ही होगा। इसके बाद भी देर हुई तो आयोग पर व्यापक पैमाने पर धरना-प्रदर्शन होगा। प्रतिनिधिमंडल में रोहित कुमार, संजय कुमार, डॉ. सत्ते, डॉ. विनोद यादव, पवन तिवारी, महेंद्र कुमार, डॉ. गोरखनाथ सिंह शाक्य, डॉ. अंबुज भी शामिल रहे।