Monday, August 24, 2020

UPPSC ::: प्रयागराज , लखनऊ के 54 केन्द्रो पर हुई कंप्यूटर अस्सिस्टेंट की परीक्षा , सिर्फ 33 फीसदी अभ्यर्थियों की रही उपस्तिथि , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

UPPSC ::: प्रयागराज , लखनऊ के 54 केन्द्रो पर हुई कंप्यूटर अस्सिस्टेंट की परीक्षा , सिर्फ 33 फीसदी अभ्यर्थियों की रही उपस्तिथि , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएसससी) ने अगस्त में दो बड़ी परीक्षाएं कराईं और दोनों परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की उपस्थिति अपेक्षा से बहुत कम रही। रविवार को आयोजित कंप्यूटर सहायक परीक्षा-2019 (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) में अभ्यर्थियों की उपस्थिति सिर्फ 33 फीसदी रही। स्पष्ट है कि कोरोना के खौफ से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
इससे पहले 16 अगस्त को हुई खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) में केवल 44 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे। कंप्यूटर सहायक की परीक्षा में हालात और बदतर हो गए। अभ्यर्थियों ने तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण दोनों ही परीक्षाएं स्थगित किए जाने की मांग की थी, लेकिन आयोग इसके लिए तैयार नहीं हुआ और नतीजा सामने हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में कंप्यूटर सहायक के 13 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन 15 नवंबर 2019 को जारी किया गया था। परीक्षा के लिए कुल 26 हजार 94 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। रविवार को आयोजित परीक्षा के लिए लखनऊ और प्रयागराज में 54 केंद्र बनाए गए थे। प्रयागराज में 18 और लखनऊ में 36 परीक्षा केंद्र थे। परीक्षा दोपहर 12 से 1.30 बजे की पाली में आयोजित की गई। इसमें जनरल एप्टीट्यूड एवं कंप्यूटर नॉलेज से संबंधित सवाल पूछे गए। परीक्षा में 8595 अभ्यर्थी शामिल हुए। यानी 67 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। लिखित परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद इसमें सफल अभ्यर्थियों को कंप्यू्टर टेस्ट देना होगा और इसके बाद अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा। इस परीक्षा के लिए प्रदेश भर से अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। लेकिन, आयोग ने केवल लखनऊ और प्रयागराज में केंद्र बनए थे।
साथ ही इस परीक्ष के लिए लॉकडाउन में कोई विशेष छूट भी नहीं दी गई, जबकि अगस्त में ही हुई बीएड और बीईओ परीक्षा में अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए लॉकडाउन में कई रियायतें दी गईं थीं। यही वजह है कि अन्य जिलों से परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी कोरोना के भय एवं लॉकडाउन की अन्य बधाओं के कारण परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके और परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति काफी निराशाजनक रही।