Monday, August 17, 2020

खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा में अभ्यर्थियों के काम नहीं आई करंट अफेयर्स की तैयारी , छह माह पुराना आया पेपर , नहीं पूछा गया कोई भी कोरोना वायरस से जुडा सवाल , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा में अभ्यर्थियों के काम नहीं आई करंट अफेयर्स की तैयारी  , छह माह पुराना आया पेपर , नहीं पूछा गया कोई भी कोरोना वायरस से जुडा सवाल , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी अमूमन करेंट अफेयर्स की तैयारी पर ज्यादा जोर देते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ)-2019 की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर भी यही हुआ, लेकिन इस बार करेंट अफेयर्स को लेकर की गई परीक्षा की तैयारी काम नहीं आई। बीईओ की परीक्षा का पेपर छह माह पुराना था, जिसमें रीजनिंग और सुमेलित करने वाले सवालों की भरमार रही। हालांकि, पेपर स्तरीय था और संतुलित था, लेकिन ट्रेंड से हटकर पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा दिया।

बीआई परीक्षा पहले 22 मार्च को प्रस्तावित था। इसके पेपर छह माह पहले ही छप चुके थे और ट्रेजरी में सुरक्षित रखवा दिए गए थे। 22 मार्च की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए थे। लेकिन, लॉकडाउन के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने सबसे ज्यादा मेहनत करेंट अफेयर्स पर की थी। इसके लिए समाचारपत्रों और मासिक एवं साप्ताहिक पत्रिकाओं का नियमित रूप से अध्ययन कर रहे थे। लेकिन, पेपर में पिछले पांच-छह माह के घटनाक्रम से जुड़ा कोई नहीं आया। यहां तक कि कोविड-19 से संबंधित कोई सवाल नहीं पूछा गया।

पेपर में सबसे अधिक सवाल सुमेलित करने वाले थे, जिन्हें हल करने में वक्त लगता है। दो घंटे में 120 सवाल हल करने थे और पेपर कुल 300 अंकों का था। माइनस मार्किंग भी थी। सुमेलित करने वाले सवालों ने अभ्यर्थियों को काफी छकाया। वहीं, रीजनिंग के सवालों में भी अभ्यर्थियों को माथापच्ची करनी पड़ी। माइनस मार्किंग के कारण हर सवाल का काफी सोच-समझकर जवाब देना था, ऐसे में पेपर हल करने के लिए जितना वक्त मिला, वह कम लगा। परीक्षा में भारतीय संविधान और जनगणना से जुड़े सवाल भी आए। लेकिन ऐसे सवालों की संख्या काफी कम रही।