Wednesday, August 26, 2020

एसडीएम के पद से हटाए गए श्याम बाबू का गंभीर आरोप,बोले-मैं करप्ट अधिकारियों का शिकार हुआ , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

एसडीएम के पद से हटाए गए श्याम बाबू का गंभीर आरोप,बोले-मैं करप्ट अधिकारियों का शिकार हुआ , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। ये कहना है पिछले साल सिपाही रहते हुए उप जिलाधिकारी के पद पर नियुक्ति पाकर चर्चा में आए श्याम बाबू का। श्याम बाबू को मंगलवार को जाति प्रमाण पत्र गलत होने के आरोप में नौकरी से निष्काषित कर दिया गया।
बलिया जिले की बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद निवासी श्याम बाबू ने बुधवार को अमर उजाला से फोन  पर हुुई बातचीत में कई गंभीर सवाल उठाए। कहा कि 15 साल इसी वर्ग में पुलिस की नौकरी करने के बाद मेरी जाति कैसे बदल सकती है। जाति व्यवसाय को देखकर निर्धारित नही की जा सकती। जाति अभिलेख से निर्धारित की जाती है।
साल 2016 की पीसीएस परीक्षा का रिजल्ट 2019 में आया और मुझे उपजिलाधिकारी के रूप में चयनित किया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी के द्वारा जांच कराकर तैनाती भी मिली। कुछ लोगों को मेरी कामयाबी रास नही आई और मेरी जाति को लेकर प्रश्न खड़ा किया जाने लगा। तत्कालीन तहसीलदार ने मेरे परिवार के काम के आधार पर रिपोर्ट लगा दिया कि ये अनुसूचित जाति से संबंध नहीं रखते। 
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई जो मेरे पक्ष में रही। इसके बाद भी विपक्षी नहीं माने और महाराजगंज जिले के विजय बहादुर के नाम व्यक्ति से कमिश्नरी में मुकदमा दर्ज कराया गया।

कमिश्नरी में बिना मुझे सुने और मेरे अभिलेखों का संज्ञान लिए मेरी जाति बदल दी गई और मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी। मैने इसके लिए राज्य स्क्रूटनी कमेटी में अपील की है। नियुक्ति विभाग में सूचना दी गई है और उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। मुझे विश्वास है कि कोर्ट से मेरे पक्ष में ही आदेश आएगा।