Wednesday, August 26, 2020

रेलवे भर्ती : परीक्षा पास की लेकिन करोना संकट के कारण नियुक्ति पर लगा ब्रेक , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

रेलवे भर्ती : परीक्षा पास की लेकिन करोना संकट के कारण नियुक्ति पर लगा ब्रेक , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




नौकरी के लिए मेहनत करने वाले प्रतियोगी परीक्षार्थी सफलता प्राप्त करने के बाद भी मायूस हैं। इनकी मेहनत पर कोरोना का ग्राहण लगा हुआ है। इस ग्रहण के हटने के बाद ही इनकी नैया पार लगने की उम्मीद है। रेलवे की प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने वाले सैकड़ों छात्र ज्वाइनिंग की बाट जोह रहे हैं। ग्रुप डी से लेकर ग्रुप सी के सफल छात्र इंतजार में हैं। 

रेलवे की 2018 की वैकेंसी में असिस्टेंट लोको पायलट और टेक्निकल की परीक्षा हुई थी। इसका रिजल्ट वर्ष 2019 के नवम्बर में क्लियर हो गया था। इसमें कई आरआरबी ने चयनित उम्मीदवारों को बुलाया है। इनकी ट्रेनिंग शुरू की है। कई बोर्ड ने अभी छात्रों को छह माह से बुलाया ही नहीं है। गुवाहाटी बोर्ड से चयनित छात्र किरण कुमार ने बताया कि नवम्बर में रिजल्ट आया है। अभी तक कोई सूचना नहीं है। दुबारा ओबीसी बनानी पड़ रही है। 

कई बोर्डों ने प्रक्रिया तक शुरू नहीं की है। वहीं, आरआरबी पटना ने भी सभी को रिजल्ट भेज दिया है। एएलपी के पैनल 341 के छात्रों को भी नहीं बुलाया गया है। यह स्थिति एक बोर्ड की नहीं है। कोरोना की वजह से ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ही बंद कर दिये गए थे। जिसकी वजह से मामला फंसा हुआ है। इंतजार में सफल छात्र का बुरा हाल है। वहीं, इधर आरआरबी हाजीपुर में ग्रुप डी की 2018 की वैकेंसी में चयनित उम्मीदवारों को अभी तक ज्वाइनिंग नहीं करायी गयी है। इसमें लगभग 6000 पदों के लिए परीक्षा हुई, जिसमें 5000 की ज्वाइनिंग करायी गयी। शेष 1000 को अभी नियुक्ति नहीं करायी गयी। वहीं कुछ छात्र जिनका मार्च में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होना था। अब तक नहीं हुआ है। इसके सफल छात्र विकास कुमार, अरविंद कुमार, राहुल कुमार, अमन कुमार और मिथिलेश कुमार सहित कई छात्र इंतजार में हैं।
 
राजेश कुमार ( सीपीआरओ, इस्टर्न रेलवे ) ने कहा, कोरोना की वजह से परेशानी हो रही है। जिनका चयन हुआ है, इनकी नियुक्ति होगी। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। कोरोना काल में एक साथ अधिक छात्रों को ट्रेनिंग देना संभव नहीं है। कोरोना की वजह से ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बंद रहे। एएलपी व टेक्निकल वाले छात्रों का नियुक्ति होनी है। ग्रुप डी के वैसे छात्र जिनका चयन हुआ है, इन्हें भी थोड़ा संयम से काम लेना होगा।