Monday, August 10, 2020

काम की खबर :रेलवे की फर्जी बहाली निकालने वाली एजेंसी पर होगी कार्रवाई , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

काम की खबर  :रेलवे की फर्जी बहाली निकालने वाली एजेंसी पर होगी कार्रवाई , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




रेलवे में अनुबंध पर निकाली गई 5285 पदों की फर्जी बहाली मामले में रेलवे रेस है। रेलवे बहाली निकालने वाली एजेंसी अवेस्ट्रान इन्फोटेक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। प्रेस इन्फॉरमेशन ब्यूरो की ओर से जारी विज्ञप्ति में एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। रेलवे बोर्ड से लेकर ईस्ट सेंट्रल रेलवे व अन्य जोनल रेलवे ने धोखे से बचने की अपील की है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में प्रमुखता से खबर छपने के बाद ईस्ट सेंट्रल रेलवे के साथ कई अन्य जोनल रेलवे ने भी अपने ट्विटर हैंडल से संदेश जारी करते हुए नियुक्ति के विज्ञापन को भ्रामक बताया है। रेल प्रशासन अब इस मामले में फर्जीवाड़ा करनेवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगा।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने पांचों मंडल के जेए ग्रेड के अधिकारियों को मामले की जांच की जिम्मेवारी सौंपी है। सोमवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई हो सकती है। सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर कर्मियों को बहाल करने का दावा करते हुए एक एजेंसी ने आवेदन आमंत्रित किया था। रिक्तियों में जूनियर असिस्टेंट के लिए 600, कंट्रोलर 35, बुकिंग क्लर्क 430, गेटमैन 1,200, कैंटीन सुपरवाइजर 350, पियून 1460, केबिन मैन 780 और वेल्डर के 430 पद शामिल थे। एजेंसी ने सिर्फ पांच राज्य बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे। ईसीआर के साथ-साथ रेलवे बोर्ड, साउथ ईस्टर्न रेलवे, नार्दर्न रेलवे और वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने भी इस बहाली को फेक बताया है।

आरआरबी व आरआरसी ही निकालती है वैकेंसी
ईसीआर के सीपीआरओ राजेश कुमार तथा पीआईबी से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस बहाली से भारतीय रेल या पूर्व मध्य रेल का कोई लेना-देना नहीं है। रेलवे में रिक्तियों से संबंधित सूचनाएं रेल भर्ती बोर्ड अथवा रेल भर्ती प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराई जाती है तथा विभिन्न माध्यमों से इसका प्रचार प्रसार किया जाता है। रेल प्रशासन लोगों से अनुरोध करता है कि भारतीय रेल के नाम पर रोजगार देने का दावा करनेवाले किसी विज्ञापन के धोखे में न आएं।