Monday, August 10, 2020

बीएड प्रवेश परीक्षा 2020 : हिंदी और तर्कशास्त्र के प्रश्नो में उलझे रहे अभ्यर्थी , किसी को जीके के सवालो ने किया परेशान , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

बीएड प्रवेश परीक्षा 2020 : हिंदी और तर्कशास्त्र के प्रश्नो में उलझे रहे अभ्यर्थी , किसी को जीके के सवालो ने किया परेशान , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। तर्कशास्त्र (रीजनिंग) के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। बीएड प्रवेश परीक्षा में पहली पाली में अंग्रेजी अथवा हिंदी के 50 सवाल पूछे गए थे। इसके अलावा सामान्य ज्ञान से 50 सवाल थे। हिंदी का पर्चा सामान्य जरूर था, लेकिन बुकलेट संख्या जे में प्रश्न संख्या 75 और 88 एक ही था। इसमें पूछा गया था कि निम्नलिखित में रूढ़ शब्द कौन सा है। दोनों में विकल्प भी एक थे।

अभ्यर्थियों ने बताया कि सभी बुकलेट में इस सवाल का दोहराव था। ऐसे में इसका मूल्यांकन कैसे होगा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद दूसरी पाली में विषय से संबंधित 50 सवाल और तर्कशास्त्र के 50 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों की मानें तो तर्कशास्त्र के सवालों ने उन्हें खूब उलझाया। कहा तो यह भी जा रहा है कि इसके पहले प्रस्तावित परीक्षा का जो पर्चा तैयार किया गया था उससे ही पेपर करा लिया गया। क्योंकि, कोरोना महामारी से जुड़े एक भी सवाल नहीं पूछे गए थे।

जीके के प्रश्नों ने किया परेशान
बीएड प्रवेश परीक्षा में जनरल नॉलेज के सवालों ने छात्रों को खासा परेशान किया। परीक्षार्थियों ने कहा कि कोरोना काल में परीक्षा को लेकर असमंजस रहा। इससे परीक्षा की तैयारी नहीं हो सकी। पेपर कठिन रहा। 

लूकरगंज परीक्षा केंद्र के संदीप ने कहा कि केंद्र पर सेनिटाइजर नहीं रहा। अमूमन प्रश्न सरल रहा लेकिन जनरल नॉलेज थोड़ा कठिन था। वहीं, प्रमोद कुमार ने कहा परीक्षा अच्छी रही। पहली पाली में अच्छा पेपर हुआ लेकिन दूसरी पाली में थोड़ा कठिन था। जनरल नॉलेज से कठिन प्रश्न पूछे गए थे।

सचिन मौर्य ने बताया कि डीवीएस जीपी गोविंदपुर परीक्षा केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। परीक्षा मॉडल साधारण था, सबसे ज्यादा प्रश्न जनरल नॉलेज से पूछे गए। वहीं, धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि दूसरी पॉली के प्रश्नपत्र में जनरल नॉलेज के प्रश्न काफी कठिन रहे। केंद्र पर कोविड-19 से निपटने के लिए उचित उपाय नहीं किए गए थे।