Monday, July 27, 2020

आजमगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

आजमगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रहे पांच सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। महानिदेशक स्कूल एवं राज्य परियोजना के आदेश पर बर्खास्त शिक्षकों से नियुक्ति से लेकर अब तक आहरित धनराशि की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।


जिन सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त की गई है, उसमें शिक्षा क्षेत्र कोयलसा के प्राथमिक विद्यालय धनसिंहपुर में तैनात रहे मऊ जनपद के चांदमारी इमिलिया गांव निवासी आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र शर्मा, शिक्षा क्षेत्र सठियांव के प्राथमिक विद्यालय सींहीं, निवासी इमलीडीह पोस्ट बारीपुर जनपद गोरखपुर की नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला, शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी पर तैनात सहयक अध्यापक निवासी भुवनेश्वर प्रताप सिंह, 443, सिविल लाइन आजमगढ़, शिक्षा क्षेत्र महराजगंज के प्राथमिक विद्यालय पर तैनात रहे राजेश कुमार पुत्र रामदुलारे निवासी खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर एवं शिक्षा क्षेत्र अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय पचरी पर तैनात बांकेबिहारी लाल पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सल्लहपुर, तहसील सलेमपुर जनपद देवरिया शामिल हैं।

जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे


शासन के निर्देश पर जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। निर्धारित मूल प्रमाणपत्रों के साथ संबंधित सहायक अध्यापक कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए और ना ही अपना कोई प्रत्यावेदन ही दिया।इसलिए महानिदेशक के निर्देश पर इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

अमरनाथ राय, जिला ब्रेसिक शिक्षा अधिकारी।

डीएम के निर्देश पर एडीएम की अध्यक्षता में गठित है जांच टीम


माध्यमिक शिक्षा विभाग के 157 अनुदानित, राजकीय और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जानी है, लेकिन संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अभी तक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं का शैक्षिक विवरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराया। इसलिए डीएम के निर्देश पर गठित जांच टीम आगे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रही रही है। डीआइओएस ने इसे गंभीरता से लेते हुए 28 जुलाई तक का अंतिम मौका दिया है। फिर भी संबंधित शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध नहीं कराया तो संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माह जुलाई के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी जाएगी।