Thursday, July 2, 2020

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा ::: सैकड़ों सादी ओएमआर, नहीं भर सके शिक्षक बनने के अंक , जालसाजों ने चहेतों के लिए अंक भरवाने का लिया था जिम्मा , पिछली टीईटी आदि से कई गुना अधिक ओएमआर सादी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा ::: सैकड़ों सादी ओएमआर, नहीं भर सके शिक्षक बनने के अंक  , जालसाजों ने चहेतों के लिए अंक भरवाने का लिया था जिम्मा , पिछली टीईटी आदि से कई गुना अधिक ओएमआर सादी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





उप्र में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की लिखित परीक्षा में जालसाज सभी चहेतों को सफल नहीं करा सके। परीक्षा छह जनवरी 2019 को हुई और चहेतों को उत्तीर्ण कराने व पेपर आउट के आरोप रिजल्ट आने के बाद तेजी से लगे। वजह, जालसाजों के झांसे में आने वालों को ऐतबार था कि वे परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होंगे। इसीलिए, अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में ओएमआर शीट नाम, अनुक्रमांक आदि सूचनाएं भरकर सादी छोड़ दी। कुछ ने ओएमआर आधी-अधूरी भरी। ऐसा करने वालों के अरमानों पर पानी तब फिर गया, जब उनकी ओएमआर में शिक्षक बनने लायक अंक नहीं भरे जा सके। रिजल्ट में उन्हें इकाई में ही अंक मिले हैं। जालसाजों के खेल को सिलसिलेवार समङिाए। भर्ती का रिजल्ट आने के बाद अनुत्तीर्ण राहुल सिंह नामक अभ्यर्थी ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसे पास कराने के लिए धन लिया गया वह अनुत्तीर्ण है। पुलिस ने जांच शुरू की तो शिक्षा माफिया पकड़ में आए और कई और की जांच एसटीएफ कर रही है। ऐसे ही रेखा वर्मा नाम की अभ्यर्थी ने सही मूल्यांकन न होने को लेकर हाई कोर्ट में चुनौती दी। अर्जी में कहा कि उसे नब्बे से अधिक अंक मिलने चाहिए लेकिन, तीन अंक ही मिले हैं। कोर्ट ने परीक्षा संस्था से ओएमआर तलब की तो वह सादी निकली। हालांकि रेखा याचिका खारिज होने पर मौन हैं। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में रेखा के अलावा सैकड़ों अभ्यर्थियों की ओएमआर सादी रखी है। कई ने तो कुछ प्रश्नों का जवाब भरा है, बाकी को छोड़ दिया। कुछ सवाल हल करने वाले अभ्यर्थियों को हो सकता है कि सभी का जवाब न आता रहा हो, लेकिन शिक्षक बनने के लिए इम्तिहान देने वालों का पूरी ओएमआर सादी छोड़ना संभव नहीं है। क्या उन्हें एक भी सवाल का जवाब नहीं आता था। उनकी तैयारी इतनी लचर थी तो परीक्षा में शामिल क्यों हुए? मान लें कि कुछ अभ्यर्थी ऐसे होंगे जो दिखाने के लिए परीक्षा में बैठे और जवाब न आने पर ओएमआर सादी छोड़ी लेकिन, बड़ी संख्या में ऐसा करने का यही संकेत है कि उन्हें निर्देश था कि वे ओएमआर पर कुछ न लिखें। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी बताते हैं कि शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी व अन्य परीक्षाओं में इस तरह से बड़े पैमाने पर ओएमआर सादी नहीं मिली है। जितनी इस परीक्षा में मिली है। कुछ अभ्यर्थियों ने ओएमआर अधूरी छोड़ी।