Saturday, July 4, 2020

रेलवे ::: रेलवे के गैर सुरक्षा वाले 50 फीसद पद होंगे सरेंडर , विज्ञापित पदों की भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा असर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

रेलवे ::: रेलवे के गैर सुरक्षा वाले 50 फीसद पद होंगे सरेंडर , विज्ञापित पदों की भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा असर , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





कोरोना संकट के बीच भारतीय रेलवे ने नई भर्तियों पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। गैर सुरक्षा वाले 50 फीसद पदों को सरेंडर किया जाएगा। रेलवे ने अपना एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक नए पदों की बहाली नहीं होगी। जबकि सुरक्षा संबंधी पदों पर बहाली की छूट दी गई है। रेलवे बोर्ड ने जोर देकर कहा है कि रेल सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए रेलवे ऑटोमेशन पर जोर दे रहा है।

भारतीय रेलवे के इस आशय के जारी सरकुलर पर सफाई देने आए रेलवे के मानव संसाधन विकास के महानिदेशक आनंद एस. खाती ने बताया ‘रेलवे में न तो किसी की नौकरी जा रही है और न ही भर्तियां कम की जा रही हैं।’ वर्ष 2018 और 2019 के दौरान शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। उन्हें रोका नहीं जाएगा। खाती ने शुक्रवार को पत्रकारों से वीडियो कांफ्रेंसिंग में जोर देकर कहा कि ट्रेनों के संचालन व रखरखाव के लिए सुरक्षा श्रेणी की नौकरियां सरेंडर नहीं की जाएंगी।

लेकिन गैर सुरक्षा वाले पदों को सरेंडर करना होगा, जिसकी जगह रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर की नई परियोजनाओं के लिए सुरक्षा श्रेणी की भर्तियां की जा सकती हैं। ऐसे संसाधनों का उचित उपयोग किया जा सकता है। गैर सुरक्षा वाले 50 फीसद पदों को सरेंडर करना होगा। इस आशय का पत्र सभी जोनल महाप्रबंधकों को भेजा गया है।

महानिदेशक खाती ने बताया कि रेलवे के कुल राजस्व का 65 फीसद हिस्सा कर्मचारियों का वेतन व पेंशन के मद में जाता है। वर्ष 2019 के दौरान कुल 1.47 लाख पदों पर भर्तियां की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। जबकि 68 हजार गैर सुरक्षा श्रेणी की भर्तियां बची हुई हैं, जिसकी समीक्षा की जा रही हैं। तथ्य यह है कि रेलवे में कुल 12.18 लाख कर्मचारी हैं। फिलहाल 2.90 लाख पद रिक्त हैं, जिनमें से 1.40 लाख से अधिक पदों पर भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। खाती ने कहा कि रेलवे के कर्मचारियों की मल्टी स्किलिंग की जा रही है, ताकि उनका उपयोग जरूरत के मुताबिक दूसरी जगहों पर किया जा सके।