Monday, June 15, 2020

फर्जीवाड़ा :: अब अलीगढ से फर्जी अनामिका गिरफ्तार , बिजौली के स्कूल में पढ़ा रही थी बबली यादव ,क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

फर्जीवाड़ा :: अब अलीगढ से फर्जी अनामिका गिरफ्तार , बिजौली के स्कूल में पढ़ा रही थी बबली यादव  ,क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 



उप्र के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम से 25 शिक्षिकाओं की फर्जी भर्ती मामले में आरोपितों पर कार्रवाई का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों से नौकरी करने वाली कानपुर की बबली यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड और उसके साथियों की तलाश और तेज कर दी है। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच कर रही है।अलीगढ़ के एसपी क्राइम डॉ. अर¨वद कुमार ने रविवार को बताया कि छह जून को थाना पालीमुकीमपुर में मामला दर्ज होने के बाद से बबली पत्नी हरिओम यादव अपने घर कानपुर देहात के चंदनपुरवा रसूलाबाद से गायब थी। इसकी तलाश में 11 जून से पुलिस कानपुर में डेरा डाले हुए थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर बबली को कन्नौज जिले के बहादुरपुर लाख बहोसी से शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसकी गिरफ्तारी बिजौली स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के पास से दिखाई है। बबली ने बहनोई बल्लू यादव निवासी ग्राम सहदपुर, मैनपुरी पर आरोप लगाया कि उन्होंने पुष्पेंद्र जाटव निवासी नंगला खग व उसकी महिला मित्र राजबेटी निवासी हसनापुर, भोगांव, मैनपुरी के जरिए तीन-तीन लाख रुपये लेकर उसकी व ननद सरिता यादव को नौकरी दिलवाई थी। उन्होंने ही अनामिका शुक्ला निवासी जोगा, बेवर, मैनपुरी के नाम से फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए और सेंट्रल बैंक में खाता भी खुलवाया था। ननद सरिता को प्रयागराज के सोराव, ब्लॉक में नियुक्ति दिलाई। पड़ोसी गांव सिंगवा वीरा गांव की शीला पाल पुत्री महेश, रसूलाबाद, कानपुर देहात को बागपत में नौकरी दिलाई थी। एसपी क्राइम ने बताया कि गैंग में शामिल लोगों की गिरफ्तारी में टीम जुटी हैं। बबली को सोमवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। रायबरेली में बीएसए आनंद मोहन शर्मा का कहना है कि काउंसिलिंग से लेकर ज्वॉनिंग तक की फाइल तलब की गई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि काउंसिलिंग के दौरान आवेदन में चस्पा फोटो का कार्यभार ग्रहण करने वाली तथाकथित अनामिका से एकदम अलग है। इसके बाद भी एक बार भी नहीं पूछताछ की गई। गोंडा में भी शैक्षिक अभिलेखों के साथ कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षक तलब किए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि सोमवार को सभी को शैक्षिक अभिलेख की मूल प्रति के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में पुलिस भी जांच कर रही है। उधर, सहारनपुर मे अनामिका शुक्ला प्रकरण जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने सहारनपुर में डीसी (जिला समन्वयक) बालिका आदित्य नारायण शर्मा के खिलाफ शासन को कार्रवाई की संस्तुति की है। हालांकि डीसी बालिका उस जांच टीम में शामिल हैं जो जिले के सभी नौ कस्तूरबा गांधी स्कूलों के स्टाफ के मूल शैक्षिक व अन्य प्रमाणपत्रों की जांच के लिए गठित की गई है। उन पर कार्रवाई की संस्तुति के बाद भी उन्हें जांच टीम से नहीं हटाया गया है।असली अनामिका के दावे में है झोल : आंबेडकरनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के अलावा लखनऊ, जौनपुर, सुलतानपुर, बस्ती और मीरजापुर में असली अनामिका शुक्ला ने 2017 में पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका पद के लिए आवेदन करने का दावा किया था। हालांकि उस समय विभाग की ओर से कोई भर्ती नहीं हुई और न ही इसके लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। अलबत्ता 2018 में भर्ती प्रक्रिया हुई थी। इसी भर्ती में फर्जी अनामिकाओं की 11 माह 29 दिन के लिए संविदा सेवा पर नियुक्ति हुई और चयनित लोगों को मार्च 2019 तक कार्यभार ग्रहण कराया गया था। खास बात है विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में शुचिता बनाए रखने के लिए 22 ¨बदुओं की गहन जांच की थी। इसके बाद भी यह फर्जीवाड़ा हो गया। हालांकि उस समय भी सभी पद भरे नहीं जा सके। लिहाजा इस भर्ती के बाद भी 30 दिसंबर 2019 को शासन के उसी पत्र का हवाला देते हुए 12 पदों पर विभाग ने भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की, लेकिन फुल टाइम टीचर विज्ञान का कोई पद नहीं था। लिहाजा असली अनामिका के दावों से भर्ती की हकीकत मेल नहीं खाती है।