Thursday, June 18, 2020

प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र से परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने वालों की सूचना नहीं दे रहे बीएसए , जाँच प्रक्रिया को लग रहा धक्का , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र से परिषदीय स्कूलों में  शिक्षक बनने वालों की सूचना नहीं दे रहे बीएसए ,  जाँच प्रक्रिया को लग रहा धक्का , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





प्रदेश में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र पर नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन गंभीर है। इसके मद्देनजर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन, बेसिक शिक्षा अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। स्थिति यह है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में बीएड करने वाले शिक्षकों का ब्योरा मांगा था। प्रदेश के हर जिले के बीएसए को 15 जून तक शिक्षक का नाम, पिता का नाम और नियुक्ति वाले विद्यालय का ब्योरा देना था। लेकिन, किसी ने ब्योरा नहीं भेजा। इस पर सचिव ने पुन: पत्र जारी करके कड़ी नाराजगी जताते हुए ब्योरा मांगा है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा से 2004-05 में बीएड करने वालों के प्रमाणपत्र में एसआइटी को काफी खामियां मिली हैं। जांच में 2823 बीएड करने वालों के फर्जी व टेम्पर्ड प्रमाणपत्र मिले हैं। मौजूदा समय वह प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को दी तो हड़कंप मच गया।


चिह्न्ति करके सचिव को देनी होगी रिपोर्ट

अब ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी है। इसके मद्देनजर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव विजय शंकर मिश्र ने संबंधित विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। बीएसए को अपने-अपने जिले में ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करके सचिव को रिपोर्ट देनी है।