Thursday, June 11, 2020

शिक्षा विभाग में नियुक्ति से पहले बरती जाएगी पूरी सावधानी , नियुक्ति से पहले जांच, तकनीक का होगा भरपूर इस्तेमाल , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

शिक्षा विभाग में नियुक्ति से पहले बरती जाएगी पूरी सावधानी , नियुक्ति से पहले जांच, तकनीक का होगा  भरपूर इस्तेमाल , क्लिक करे और पढ़े पूरी  खबर 





 शिक्षा महकमे में गलत चयन रोकने के नियम बने हैं। बड़े अफसर आदेश भी जारी करते रहते हैं फिर भी अनुपालन का सिस्टम मजबूत नहीं है। ऐसे में ही ‘अनामिकाएं’ कई जिलों में नियुक्ति पा जाती हैं। इस पर अंकुश लगाने में प्रेरणा एप का मानव संपदा पोर्टल कारगर अस्त्र साबित हो सकता है, बशर्ते सभी जिले युद्धस्तर पर शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों व अन्य की सारी सूचनाएं अपलोड करा दें। बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी का दावा है कि अनामिका शुक्ला की नियुक्ति का राजफाश भी इसी एप के जरिए ही हो सका है।

बेसिक शिक्षा परिषद की पूर्व सचिव रूबी सिंह कहतीं हैं कि मानव संपदा एप में कई खूबियां हैं। डुप्लीकेसी तत्काल पकड़ में आ जाएगी। सभी की सर्विस बुक ऑनलाइन होगी और उसे अपडेट भी किया जा सकता है। हाजिरी हो या अवकाश या फिर शिक्षकों आदि की गोपनीय सूचना सभी का इसमें प्राविधान है।

उप्र लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डा. सुनील कुमार जैन कहते हैं कि मौजूदा दौर डिजिटल इंडिया का है। इसका जमकर इस्तेमाल हो, तभी गड़बड़ियां रुक सकती हैं। डिजिटल एक्सपर्ट का उपयोग हर कदम पर किया जाए।

 शिक्षा विभाग में जालसाजों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर सेंध लगाई। फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल करने के लिए कई दांव चले गए। एसटीएफ ने जून 2018 में सबसे पहले मथुरा में फर्जी शिक्षकों का मामला पकड़ा था, जिसके बाद जांच की आंच अन्य जिलों तक पहुंची थी। फर्जी शिक्षकों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मथुरा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिक्षक भर्ती में कनिष्ठ लिपिक महेश शर्मा, 13 शिक्षक व दो कंप्यूटर ऑपरेटर पकड़े गए थे। इनसे पूछताछ में अहम जानकारियां सामने आई थीं।