Tuesday, June 30, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा ::: मोस्टवांटेड चंद्रमा की तलाश में कौशांबी में छापेमारी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा ::: मोस्टवांटेड चंद्रमा की तलाश में कौशांबी में छापेमारी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा के मोस्टवांटेड चंद्रमा यादव की तलाश में सोमवार को स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने कौशांबी में छापेमारी की। पिपरी, करारी और पूरामुफ्ती समेत कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन चंद्रमा नहीं मिला। इस दौरान उसके कुछ रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही एसटीएफ फरार अभियुक्तों के बैंक खाते समेत दूसरे दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

कहा जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव लखनऊ गया था। इसके बाद वहां से लौटकर कौशांबी आया। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को एसटीएफ की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की, पर सफलता नहीं मिल सकी। यह भी कहा जा रहा है कि शातिर चंद्रमा मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इस कारण उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही है। अब मुखबिरों की मदद से ही फरार अभियुक्तों को पकड़ने की कवायद की जा रही है। एसटीएफ के अधिकारियों का यह भी कहना है कि फरारी के दौरान आरोपित खर्च चलाने के लिए या कहीं दूर भागने के लिए पैसे निकाल रहे होंगे। इसे देखते हुए उनके बैंक खातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही दूसरे रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में सरगना डॉ. केएल पटेल समेत 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन चंद्रमा यादव, मायापति दुबे, दुर्गेश पटेल व संदीप पटेल अभी फरार चल रहे हैं।

 चित्रकूट जनपद के राजापुर शिकड़ी निवासी लवलेश त्रिवेदी महेवाघाट थाना क्षेत्र के घोघपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे।

इसी क्षेत्र के मवई का मजरा नैनी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर अर्चना सिंह पुत्री शिवपूजन निवासी महेवाघाट तैनात थीं। इंस्पेक्टर रमेश पटेल के अनुसार दोनों बीएड की फर्जी मार्कशीट लगाकर काफी समय से नौकरी कर रहे थे। शासन स्तर पर अगस्त 2019 में जांच में फर्जीवाड़ा पाया गया तो दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। दोनों ने अदालत का सहारा लिया तो हाईकोर्ट ने नवंबर 2019 में स्थगन आदेश दे दिया। उधर, इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पंडित ने बताया कि शासन की ओर से कोर्ट में पक्ष रखा। जांच में डिग्री फर्जी पाने पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया। शासन के आदेश पर सरसवां बीआरसी के खंड शिक्षा अधिकारी मिथलेश कुमार ने दोनों के खिलाफ बीते दिनों तहरीर थाने में दी। इंस्पेक्टर रमेश पटेल के मुताबिक प्रधानाध्यापक लवलेश त्रिवेदी को जेल भेज दिया गया। शिक्षिका की तलाश की जा रही है।