Monday, June 8, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा :: जेल भेजा गया एक अभ्यर्थी , परीक्षा के बाद ही बताने लगा था प्राप्तांक , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा :: जेल भेजा गया एक अभ्यर्थी , परीक्षा के बाद ही बताने लगा था प्राप्तांक , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दो अभ्यर्थियों के बारे में कुछ चैंकाने वाली बातें सामने आई हैं। चर्चा है कि इनमें से एक धर्मेंद्र पटेल परीक्षा देने के बाद से ही अपना प्राप्तांक बताने लगा था। उसे परीक्षा में कुल 142 नंबर मिले हैं। इसके अलावा गिरोह के सदस्यों के कब्जे से बरामद डायरी में जिन 20 लोगों के नाम, रोलनंबर मिले हैं, उनके बारे में भी अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। हालांकि इन जानकारियों की पुष्टि नहीं हो सकी। 
सू़त्रों का कहना है कि चार जून को मामले का खुलासा होने के बाद ही धर्मेेंद्र के बारे में पुलिस को जानकारियां मिलनी शुरू हो गई थीं। यह भी जानकारी मिली थी कि हंडिया का रहने वाला यह अभ्यर्थी डीजे साउंड का भी व्यापार करता है और परीक्षा की तैयार के लिए वह कोचिंग भी नहीं गया।
यह भी पता चला कि परीक्षा के बाद ही उसने अपने करीबियों से चर्चा करना शुरू कर दिया था कि उसे कितने नंबर मिलने वाले हैं। इसी तरह मामले में गिरफ्तार दूसरे अभ्यर्थी विनोद को 143 नंबर मिले हैं। उसके बारे में बहुत जानकारी तो नहीं मिल पाई लेकिन इतना जरूर पता चला है कि वह भी रुद्रपति व मायापति के जरिए सरगना केएल पटेल के संपर्क में था।

लिस्ट में कई एक ही परिवार के
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों के पास से पुलिस को एक कॉपी मिली है जिसमें 20 अभ्यर्थियों के नाम, पिता का नाम, रोल नंबर व परीक्षा के प्राप्तांक लिखे हुए हैं। इनमें से 18 ऐसे हैं, जिनके नंबर पांसिंग मार्क्स से ज्यादा हैं। इनमें से कई ऐसे हैं, जो एक ही परिवार से हैं। इनमें दो पुरुष व दो महिला अभ्यर्थी ऐसी हैं, जिनके पिता का नाम एक ही है, यानी भाई-बहन हैं। इसी तरह दो अन्य पुरुष व एक महिला अभ्यर्थियों के भी सगे भाई-बहन होने की बात सामने आई है। इन 18 अभ्यर्थियों में एक अभ्यर्थी के सबसे ज्यादा 144 नंबर हैं। साथ ही 10 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके प्राप्तांक 140 से ज्यादा हैं। हालांकि इस जानकारी की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस अपफसरों से बात करने की कोश्शि की गई लेकिन, उनसे संपर्क नहीं हो सका।