Monday, June 15, 2020

69000 शिक्षक भर्ती ::: एसटीएफ के रडार पर आए सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के टॉपर , भदोही के कई अभ्यर्थियों का खंगाला जा रहा है ब्योरा, शिकायतों पर एसटीएफ ने बढ़ाया जांच का दायरा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती ::: एसटीएफ के रडार पर आए सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के टॉपर , भदोही के कई अभ्यर्थियों का खंगाला जा रहा है ब्योरा, शिकायतों पर एसटीएफ ने बढ़ाया जांच का दायरा , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर हुए फर्जीवाड़े में अब कई कथित टॉपर स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के रडार पर आ गए हैं। कुछ अभ्यर्थियों से मिली शिकायत के आधार पर एसटीएफ लिखित परीक्षा में अधिकतम अंक पाने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है। भदोही के कई अभ्यर्थियों का विवरण जुटाया जा रहा है।

आरोपित है कि सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल ने धर्मेद्र और विनोद जैसे कई अभ्यर्थियों को पास करवाया है। एक-एक अभ्यर्थी से उसने आठ से 12 लाख रुपये तक वसूले हैं। सरगना के पास से पुलिस को एक डायरी भी मिली है, जिसमें 17 अभ्यर्थियों के नाम और अनुक्रमांक नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा एसटीएफ के पास कई ऐसी शिकायतें आईं हैं, जिसमें कहा गया है कि 130 से अधिक अंक पाने कई अभ्यर्थियों ने गिरोह की मदद से लिखित परीक्षा पास की है। जानकारों का यह भी कहना है कि फर्जीवाड़ा में नामजद आरोपित भदोही निवासी मायापति दुबे ने भी कई अभ्यर्थियों से पैसे लेकर लिखित परीक्षा में अच्छे अंक दिलवाए हैं। एसटीएफ जांच का दायरा बढ़ाते हुए बारीकी से छानबीन कर रही है, जिन पर संदेह है। मिलने वाली शिकायतों की सच्चाई के बारे में भी पता लगाया जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह की कारगुजारी को तथ्यात्मक रूप से उजागर किया जा सके। बताते चलें कि सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी धर्मेद्र पटेल को 150 में 142 नंबर मिले हैं। पुलिस अफसरों के सामने वह भारत के राष्ट्रपति का नाम तक नहीं बता सका था। विनोद यादव को भी 123 नंबर मिले हैं। ऐसी ही जानकारियां सामने आने के बाद पुलिस कथित रूप से अन्य टॉपरों के बारे में भी तफ्तीश कर रही है। इस मामले में सरगना डॉ. केएल पटेल समेत 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि कई अभी फरार चल रहे हैं। मामला तूल पकड़ते देख प्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह यह प्रकरण एसटीएफ को जांच के लिए सौंप दिया था।