Wednesday, June 24, 2020

योगी सरकार के लिए गले की फांस बनी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा, अब CBI जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

योगी सरकार के लिए गले की फांस बनी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा, अब CBI जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 


योगी सरकार (Yogi Government) की दूसरी सबसे बड़ी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा (69000 Assistant Teachers Recruitment) से जुड़ा विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. करीब डेढ़ साल से कानून के फेर में फंसी यह भर्ती परीक्षा अब सरकार के गले की फांस बन गई है. ताजा मामले में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा को रद्द करने और मामले की जांच सीबीआई (CBI) से करवाने के लिए एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ खंडपीठ (Lucknow Bench) में दाखिल की गई है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की है. यूपी सरकार की तरफ से महाधिवक्ता बहस करेंगे.

बता दें यूपी के प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक परीक्षा शुरुआत से ही विवादों में घिरी है. विज्ञापन से लेकर लिखित परीक्षा तक यह भर्ती विवादों में है. पहले लिखित परीक्षा के दौरान पेपर लीक, फिर कट ऑफ मार्क्स और गलत प्रश्‍नों को लेकर मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. अब एक बार फिर परीक्षा निरस्त करने के लिए याचिका दाखिल की गई है.

अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने दी यह दलील
गौरतलब है कि अजय कुमार ओझा तथा उदयभान चौधरी की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में यह याचिका दाखिल की गई है. सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में प्रदेश सरकार तथा परीक्षा नियामक प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के महाधिवक्ता स्वयं बहस करेंगे जो आज (24 जून) उपलब्ध नहीं थे. इसलिए अब इस मामले की सुनवाई 7 जुलाई को होगी. इस पर याचियों की ओर से पेश अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने आपत्ति जाहिर की कि इस मामले में सरकार अनुचित तेजी दिखा रही है और इतने दिनों में प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करेगी. सरकारी अधिवक्ता ने मौखिक रूप से कहा कि इतने जल्दी कुछ नहीं होगा.



याचिका में की गई है ये मांग


सरकारी अधिवक्ता एवं नूतन की दलील सुनकर जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तारीख तय कर दी. याचिका में कहा गया है कि 6 जनवरी 2019 को इस परीक्षा के बाद पेपर लीक के संबंध में एसटीएफ तथा केंद्र अधीक्षकों द्वारा प्रदेश के कई स्थानों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिससे व्यापक स्तर पर पर्चा लीक होने की बात साबित होती है. आज भी एसटीएफ इस केस में विवेचना कर रहा है. लिहाजा याचिका में परीक्षा को निरस्त करने तथा एसटीएफ पर सरकार के दवाब में काम करने के आधार पर सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की गयी है.