Saturday, June 6, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में पकडे गए भर्ती माफिया ने गड्ढे में छुपाए थे 14 लाख, बरामद , शिक्षक भर्ती में पास कराने का लिए था ठेका , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती में पकडे गए भर्ती माफिया ने गड्ढे में छुपाए थे 14 लाख, बरामद , शिक्षक भर्ती में पास कराने का लिए था ठेका , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सहायक शिक्षक पद पर भर्ती कराने का ठेका लेने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल के स्कूल से 14 लाख रुपये शुक्रवार को बरामद किया गया। यह रकम फूलपुर स्थित आइटीआइ कॉलेज परिसर के जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाई गई थी। वहीं, गिरोह से जुड़े एक और स्कूल प्रबंधक ललित त्रिपाठी को भी पकड़कर पूछताछ की जा रही है। उसके कब्जे से विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों से जुड़ी फाइल बरामद हुई है। इसकी जांच चल रही है। पुलिस का दावा है कि इस गैंग में कई बड़े लोगों का भी नाम सामने आ रहा है, जिसकी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।

गुरुवार को सोरांव पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बहरिया के कपसा निवासी स्कूल संचालक व प्रबंधक केएल पटेल, भदोही के प्रधान श्रवण दुबे समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से साढ़े सात लाख रुपये, दो कार व नियुक्ति पत्र समेत कई कागजात बरामद किया गया था। सभी से रातभर पूछताछ होती रही। पता चला कि प्रश्नपत्र आउट करवाने का काम राजापुर निवासी ललित त्रिपाठी करवाता था। इस पर शुक्रवार सुबह पुलिस ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया। उससे पूछताछ में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। तब दोपहर बाद पुलिस फूलपुर आइटीआइ कॉलेज पहुंची और प्रबंधक की निशानदेही पर गड्ढा खोदकर छिपाई गई रकम बरामद की गई। अधिकारियों का मानना है कि यह पैसा अभ्यर्थियों से एडवांस में लिया गया होगा, जिसके बारे में केएल पटेल से पूछताछ की जा रही है। वहीं, ललित त्रिपाठी मूलरूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला है, वह भी स्कूल संचालक बताया जा रहा है।

लोगों को सोरांव पुलिस ने किया गिरफ्तार
स्कूल प्रबंधक की डायरी में मिले 50 से अधिक नाम
स्कूल प्रबंधक व अन्य के कब्जे से मिली डायरी में यूपीटेट के 20 और सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े 25 समेत कुल 50 से अधिक अभ्यर्थियों के नाम व अनुक्रमांक मिलने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि डायरी में जिनके नाम हैं, उसमें कितने पास और फेल हुए हैं। इसकी तस्दीक की जा रही है। इसके अलावा दो लैपटॉप, 30 मोहर भी बरामद हुई है। लैपटॉप से भी कई साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
प्रबंधक के कॉलेज परिसर में जमीन से खोदकर निकाली गई रकम ’सौ. पुलिस
स्कूल में गड्ढा खोदकर छिपाया गया करीब 14 लाख रुपये बरामद किया गया है। गिरोह से जुड़े ललित त्रिपाठी को भी पकड़कर पूछताछ की जा रही है। पता चला है कि वह प्रश्नपत्र आउट करवाता था। अन्य की तलाश भी हो रही है।
- केवी अशोक, एएसपी


सहायक शिक्षक भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला केएल पटेल पिछले 10 साल में करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बन गया। छानबीन में पुलिस को यह भी पता चला है कि बहरिया थाना क्षेत्र के कपसा गांव निवासी केएल पटेल के पास इंजीनियरिंग, फार्मेसी समेत कई कॉलेज और गांव से लेकर शहर तक में संपत्ति है।
वह झांसी के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है, लेकिन ज्यादातर गांव में ही रहता था। केएल पटेल 2015 में फूलपुर प्रथम से जिला पंचायत सदस्य चुना गया और 2017 में प्रतापपुर विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव भी लड़ा था, जिसमें पांच हजार वोट मिले थे। सूबे में सरकार बदलने के बाद उसने 2018 में जिला पंचायत सदस्य के पद से त्यागपत्र दे दिया था। पुलिस का दावा है कि केएल पटेल और उसके गिरोह के सदस्य अधिकांश भर्ती में फर्जीवाड़ा करते थे। विभाग में भर्ती का विज्ञापन निकलते ही वह कतिपय अधिकारियों से सेटिंग कर लेते थे। इसके बाद लोगों को नौकरी दिलाने का ठेका लाखों रुपये में लेते थे। ग्रामीणों में चर्चा है कि कपसा गांव के कई युवकों को ग्राम विकास अधिकारी से लेकर अन्य पदों पर भी नौकरी लगवा चुका है। चुनाव लड़ने के दौरान भी वह युवाओं की नौकरी लगवाने का आश्वासन देता था। फिलहाल पुलिस मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले से लेकर अन्य भर्ती परीक्षा में केएल पटेल के भूमिका की जांच कर रही है।