Friday, June 26, 2020

सीबीएसई - आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2020 की बची हुई परीक्षाएं निरस्त , पिछली तीन परीक्षाओ के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किये जायेंगे परिणाम , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

सीबीएसई - आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2020 की बची हुई परीक्षाएं निरस्त , पिछली तीन परीक्षाओ के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किये जायेंगे परिणाम , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सीबीएसई और आइसीएसई ने 10वीं और 12वीं की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को रद कर दिया है। दोनों ही बोर्ड ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी दी। साथ ही बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को प्रमोट किया जाएगा। हालांकि इस बीच सीबीएसई ने 12वीं के छात्रों को स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा का भी विकल्प देने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत वे अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे। 10वीं के छात्रों के लिए परीक्षा का विकल्प नहीं रहेगा। वैसे भी 10वीं की परीक्षाएं सिर्फ दिल्ली के ही कुछ ही क्षेत्रों में बाकी थीं।वहीं आइसीएसई ने कोर्ट को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही छात्रों को प्रमोट करने की जानकारी दी।

आइसीएसई बाद में परीक्षा का विकल्प नहीं देगा। बोर्ड ने कहा, आंतरिक मूल्यांकन पर सीबीएसई के मानकों का पालन किया जाएगा। बोर्ड ने बताया कि इस फैसले की जानकारी वह पहले बांबे हाईकोर्ट को दे चुका है। परीक्षाओं से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी व संजीव खन्ना की पीठ ने केंद्र सरकार व सीबीएसई से कई मामले पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसमें 12वीं के छात्रों के लिए प्रस्तावित परीक्षा के विकल्प व आंतरिक मूल्यांकन के फॉमरूले जैसी जानकारियां शामिल हैं। कोर्ट ने इसे लेकर केंद्र व सीबीएसई को शुक्रवार तक नया नोटिफिकेशन जारी करने को भी कहा है। साथ ही मामले पर सुनवाई को शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे तक के लिए टाल दिया है। 

माना जा रहा है कि नोटिफिकेशन देखने के बाद ही कोर्ट इस पर अंतिम फैसला देगा।कोरोना के कारण टली थीं परीक्षाएं : 10वीं व 12वीं की जिन परीक्षाओं को रद करने की जानकारी दी गई है, वे पहली से 15 जुलाई के बीच प्रस्तावित थीं। इन परीक्षाओं को मार्च में ही हो जाना था, पर कोरोना संक्रमण के चलते इन्हें जुलाई तक स्थगित कर दिया गया था। वहीं केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली, महाराष्ट व तमिलनाडु ने परीक्षाएं कराने में असमर्थता जताई है। मौजूदा स्थिति में परीक्षाएं कराने में खतरा है। ऐसे में परीक्षाएं रद करने का फैसला लिया गया।राज्यों के बोर्ड पर भी सवाल : कोर्ट ने इस दौरान विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक बोर्ड को लेकर भी सवाल किए। पूछा कि इन बोर्ड में पढ़ने वाले बच्चों की कौन सुध लेगा?। केंद्र ने कहा, वह इस मामले को देख रही है और राज्यों से संपर्क में है।