Tuesday, June 16, 2020

काम की खबर ::: स्कूल भले देर से खुलेंगे, लेकिन पढ़ाई होगी शुरू , इस माह के अंत तक शुरू हो सकते हैं 12 नए स्कूली चैनल, तेज हुई तैयारी, एनसीईआरटी और केवीएस को अध्ययन सामग्री तैयार करने का दिया गया लक्ष्य , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

काम की खबर ::: स्कूल भले देर से खुलेंगे, लेकिन पढ़ाई होगी शुरू , इस माह के अंत तक शुरू हो सकते हैं 12 नए स्कूली चैनल, तेज हुई तैयारी, एनसीईआरटी और केवीएस को अध्ययन सामग्री तैयार करने का दिया गया लक्ष्य , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 






कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों के खुलने को लेकर अभी भले ही संशय बना हुआ है, लेकिन सरकार ऑनलाइन पढ़ाई को समय पर शुरू करना चाहती है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय में इसको लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। स्कूलों के लिए एक क्लास-एक चैनल की प्रस्तावित योजना के तहत 12 नए टीवी चैनलों को जून के अंत तक शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही दूसरे माध्यमों से भी छात्रों को घर बैठे ही पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी चल रही है। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर नए सिरे से यह हलचल उस समय शुरू हुई है, जब स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां खत्म होने वाली हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों की छुट्टियां 19 जून को खत्म हो रही हैं। वहीं ज्यादातर राज्यों के स्कूलों की छुट्टियां भी 30 जून तक खत्म हो रही हैं। यानी एक जुलाई से स्कूल खुल जाना चाहिए। यह बात अलग है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इनके खुलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। बहरहाल, स्कूल नहीं खुले तब भी छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने की तैयारी है।

इसके तहत स्कूलों के लिए प्रस्तावित 12 नए टीवी चैनलों को अब जून के अंत तक शुरू करने की योजना बनाई गई है। एनसीईआरटी और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) दोनों को ही जल्द-से-जल्द इससे जुड़ी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा टीवी चैनलों के लिए समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की खातिर एनसीईआरटी ने हाल ही में रोटरी इंडिया के साथ एक करार भी किया है। इसके तहत रोटरी इंडिया ई-कंटेट तैयार करने का काम करेगी, जिसे एनसीईआरटी की मंजूरी के बाद टीवी चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। स्कूलों के प्रस्तावित सभी 12 चैनल 24 घंटे संचालित होंगे। हालांकि इनमें हर दिन छह घंटे की ही नई अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जो दिन में तीन बार रिपीट की जाएगी। इससे कोई छात्र यदि एक बार अपना पाठ टीवी पर पढ़ने से चूक गया हो, तो वह बाद में उसे पढ़ सकता है। इसके साथ ही जिन छात्रों के पास इंटरनेट या मोबाइल उपलब्ध है, उन्हें दूसरे वैकल्पिक माध्यमों से भी यानी यूट्यूब, फेसबुक, गूगल क्लास आदि के जरिये भी पढ़ाने की योजना है।