Sunday, June 14, 2020

10वीं व 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सरकार चिंतित , 20 जून के बाद निर्णय की संभावना , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

10वीं व 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सरकार चिंतित , 20 जून के बाद निर्णय की संभावना , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 






कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रलय की चिंताएं बढ़ा रखी हैं। वह इसलिए भी चिंतित है क्योंकि परीक्षाओं को अब सिर्फ दो हफ्ते ही बाकी हैं, लेकिन संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज ही हो रही है। खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि इसे लेकर कोई भी निर्णय लेने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रलय को पूरी जानकारी देते हुए राय मांगी है। मंत्रलय का साफ कहना है कि वह कोई फैसला स्वास्थ्य और गृह मंत्रलय की गाइडलाइन के बाद ही लेगा।जुलाई में जो परीक्षाएं प्रस्तावित हैं उनमें 10वीं, 12वीं की सीबीएसई और आइसीएसई की बोर्ड की परीक्षाओं के साथ विश्वविद्यालयों की भी परीक्षाएं शामिल हैं जो एक जुलाई से होनी हैं। इसके साथ ही नीट और जेईई मेंस की भी परीक्षाएं जुलाई में होनी हैं। मौजूदा प्लान के तहत नीट की परीक्षा 26 जुलाई को और जेईई मेंस की 18 से 23 जुलाई के बीच प्रस्तावित है। ऐसे में सवाल है कि यदि संक्रमण इसी तरह बढ़ता रहा तो परीक्षाएं कैसे हो पाएंगी। हालांकि इस सब के बीच छात्रों और परिजनों की ओर से परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग भी तेज हो गई है। अभिभावकों की कहना है कि वह बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालकर परीक्षाएं नहीं चाहते। कुछ अभिभावकों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। हालांकि मंत्रलय ने भी साफ किया है कि उसके लिए भी छात्रों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी है। ऐसे में वह कोई भी कदम उठाने से पहले छात्रों की सुरक्षा जरूर सुनिश्चित करेगा। इसके चलते फिलहाल सारे जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

जुलाई में प्रस्तावित हैं ये परीक्षाएं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले कर रहे परेशान, मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रलय से मांगी राय, बड़ी संख्या में छात्र और परिजन परीक्षाओं को टालने की कर रहे मांग

20 जून के बाद निर्णय की संभावना

मंत्रलय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर वह तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके तहत 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को सेल्फ सेंटर की व्यवस्था के तहत छात्रों के पढ़ने वाले स्कूलों में ही कराने की घोषणा की गई है। साथ ही पांच हजार की जगह अब 13 हजार परीक्षा सेंटर बनाने को मंजूरी दी गई है। यह सारे कदम छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही उठाए गए हैं। बावजूद इसके कोई भी अंतिम फैसला 20 जून तक की संक्रमण की स्थिति को देखते हुए ही लिया जाएगा।