Saturday, May 23, 2020

UPPSC :: मुश्किल में फंसे RO - ARO के चयनित अभ्यर्थी , लॉक डाउन में आयोग कार्यालय पहुंचने में आएगी तमाम बाधाए , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

UPPSC :: मुश्किल में फंसे RO - ARO  के चयनित अभ्यर्थी , लॉक डाउन में आयोग कार्यालय पहुंचने में आएगी तमाम बाधाए  , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 





उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएएसी) ने आरओ/एआरओ-२०१७ के चयनितों को अभिलेख सत्यापन के लिए २७ एवं २८ मई को आयोग के प्रयागराज स्थित कार्यालय में बुलाया है, लेकिन चयनित अभ्यर्थी इस पशोपेश में हैं कि लॉक डाउन के बीच सत्यापन के लिए वे आयोग कार्यालय तक कैसे पहुंच पाएंगे। इसी आशंका के साथ अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की है कि यूपीपीएससी के लखनऊ स्थित कार्यालय में भी चयनितों का अभिलेख सत्यापन कराया जाए।

आरओ/एआरओ-२०१७ के तहत कुल ८०९ पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी और इनमें से ६६३ अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था, जबकि बाकी पद खाली रह गए थे। इससे पहले अभिलेखों का सत्यापन २४ मार्च से तीन अप्रैल तक प्रस्तावित था, लेकिन लॉक डाउन के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।

अब आयोग ने अभिलेख सत्यापन के लिए २७ एवं २८ मई को यूपीपीएससी एवं राजस्व परिषद के लिए चयनित ८१ अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए बुलाया है, जबकि उत्तर प्रदेश सचिवालय के लिए चयनित ५८२ अभ्यर्थियों के लिए अभिलेखा सत्यापन की तिथि भी जल्द घोषित की जाएगी। आरओ/एआरओ-२०१७ की परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के हैं। साथ ही तमाम अभ्यर्थी दूसरे राज्यों के हैं।

लॉक डाउन ३१ मई तक लागू है। ऐसे में अभ्यर्थियों को चिंता सता रही है कि लॉक डाउन में वे आयोग कार्यालय तक कैसे पहुंचेंगे। हालांकि आयोग ने अभ्यर्थियों को यह राहत दी है कि अगर वे अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सकते हैं, तो उन्हें अभिलेख सत्यापन के लिए अन्य अवसर प्रदान किया जाएगा लेकिन अभ्यर्थी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि आयोग भले ही अन्य अवसर प्रदान करे लेकिन मामला नौकरी का है, सो अभिलेख सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों पर मानसिक दबाव है।


ऐसे में आयोग को अभ्यर्थियों की दिक्कत का ध्यान रखते हुए अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम निर्धारित करना चाहिए था। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग का एक कार्यालय लखनऊ में स्थित है। लखनऊ और आसपास के जिलों के साथ अन्य राज्यों में रहने वाले अभ्यर्थियों के लिए लखनऊ पहुंचना ज्यादा आसान है। लखनऊ कार्यालय में भी कई समीक्षा अधिकारी और एक सेक्शन अफसर तैनात हैं।

ऐसे में लखनऊ स्थित आयोग के कार्यालय में भी अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन कराया जा सकता है। अभ्यर्थियों ने आयेाग के अध्यक्ष से मांग की है कि लखनऊ एवं आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में रहने वाले अभ्यर्थियों को लखनऊ स्थित आयोग के कार्यालय में बुलाकर उनके अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए।