Saturday, May 23, 2020

इविवि ::: प्रोविशनल डिग्री के लिए इविवि में लगी लाइन , 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को कॉउंसलिंग में प्रस्तुत करनी है डिग्री , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

इविवि ::: प्रोविशनल डिग्री के लिए इविवि में लगी लाइन , 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को कॉउंसलिंग में प्रस्तुत करनी है डिग्री , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 




इन दिनों प्रोविजलन डिग्री के लिए इविवि में रोज लंबी लाइन लग रही है। छात्रों को प्रोविजन डिग्री के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए शुल्क ऑनलाइन जमा किए जाने की व्यवस्था कर दी गई है। शुक्रवार को भी प्रोविजन डिग्री के लिए इविवि में दर्जनों छात्र पहुंचे। ये छात्र 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी हैं और इन्हें काउंसलिंग में डिग्री प्रस्तुत करनी है। काउंसलिंग में अगर डिग्री प्रस्तुत नहीं की जाती है तो संबंधित छात्र का अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा।

69 हजार शिक्षक भर्ती में एक लाख 44 हजार अभ्यर्थियों ने न्यूनतम अर्हता अंक हासिल किए हैं और इनमें से बड़ी संख्या में इविवि के छात्र हैं। पिछले साल स्नातक का पाठ्यक्रम पूरा करने वाले ज्यादातर छात्रों को अभी मूल डिग्री नहीं मिली है, जबकि 69 हजार शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग में डिग्री प्रस्तुत करना अनिवार्य है। जून के पहले सप्ताह में काउंसलिंग प्रस्तावित है और ऐसे में डिग्री हासिल करने के लिए इविवि में रोज दर्जनों छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार को आए कुछ छात्रों की शिकायत थी कि उनके आवेदन नहीं लिए जा हैं, जबकि उन्हें काउंसलिंग में हर हाल में डिग्री प्रस्तुत करनी है। वहीं, कुछ छात्र मूल डिग्री की मांग भी कर रहे थे।
इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान रोज 25 से 30 विद्यार्थियों को प्रोविजनल डिग्री का वितरण किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को असुविधा न हो, इसके लिए ऑनलाइन शुल्क भुगतान की व्यवस्था कर दी गई है। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शुल्क जमा करके ट्रांजेक्शन आईडी नंबर अपने फॉर्म में भरना है और अगले दिन छात्र-छात्राओं को डिग्री का वितरण कर दिया जा रहा है। शुरुआती दो दिनों में ऑफलाइन शुल्क जमा किए जाने की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए अभ्यर्थियों को एफसीआई बिल्डिंग तक जाना पड़ रहा था और उन्हें असुविधा हो रही थी, सो शुल्क भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई। पूर्व में तमाम छात्र-छात्राओं ने मूल डिग्री के लिए आवेदन किए थे, उनमें से ज्यादातर विद्यार्थियों की मूल डिग्री तैयार है। मूल डिग्री तैयार करने में वक्त लगता है और इसके लिए अभिलेखों को कई काउंटरों पर भेजना पड़ता है, जबकि छात्रों को डिग्री जल्दी चाहिए, सो प्रोविजनल डिग्री जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है।