Saturday, May 30, 2020

69000 शिक्षक भर्ती ::: सूची में नाम ही माना जायेगा अभ्यर्थी के लिए पास , जिलों में आवागमन के लिए निर्देश जारी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

69000 शिक्षक भर्ती ::: सूची में नाम ही माना जायेगा अभ्यर्थी के लिए पास , जिलों में आवागमन के लिए निर्देश जारी , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर 






69 हजार शिक्षक भर्ती के लिए काउंसिलिंग 3 से 6 जून के बीच होगी। अभ्यर्थियों के एक से दूसरे जिले में जाने में परेशानी हो, इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि 31 मई तक चयनित अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर आएगी। लॉकडाउन के चलते अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए अन्य प्रमाणापत्रों के अलावा शिक्षक भर्ती की परीक्षा व भर्ती के आवेदन पत्र, आवेदन पत्र में अंकित पहचान पत्र और आवंटित जिलों की सूची का पहला पन्ना और जिस पन्ने पर अभ्यर्थी का नाम होगा ।



लॉकडाउन बढ़ने पर 31 मई को जारी होने वाली 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की चयन सूची में नाम ही अभ्यर्थियों के लिए पास का काम करेगा। इसके लिए शासन की ओर से जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग के अफसरों को जल्द निर्देश भेजे जाएंगे। उन्हें अपने आवंटित जिले में काउंसिलिंग के लिए जाने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के बाद यात्रा की अनुमति मिलेगी।

सबके मन में एक ही सवाल है कि रास्ते में कहीं रोक तो नहीं दिए जाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार 3 जून को काउंसिलिंग से एक दिन पहले महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे।


69000 शिक्षक भर्ती में कुल 136621 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा 146060 अभ्यर्थियों ने पास की थी। 9439 ने शिक्षक भर्ती का फार्म नहीं भरा। वहीं जिलों में काउंसिलिंग की तैयारियां जारी हैं। शिक्षक भर्ती की मेरिट 31 मई को जारी हो सकती है।

माना जा रहा है कि भर्ती छोड़ने वालों में वे अभ्यर्थी शामिल हैं जो 68500 शिक्षक भर्ती में नौकरी पा चुके थे लेकिन बेहतर जिला पाने की कोशिश में इसमें भी शामिल हुए थे। 68500 शिक्षक भर्ती 2018 में हुई थी और कई चक्रों में भर्ती और गड़बड़ियां होने के कारण मेरिट वाले अभ्यर्थी मनचाहे जिलों से वंचित रह गए और कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को मनचाहे जिले मिल गए। ऐसे अभ्यर्थियों ने इसकी परीक्षा भी दी थी लेकिन समकक्ष पद की एनओसी न मिलने के नियम के कारण इन्हें पीछे हटना पड़ा। वहीं इनमें बीएड या बीटीसी के वे छात्र भी शामिल हो सकते हैं जिनके बाद में आए।

इस प्रक्रिया में एनआईसी के सर्वर से स्वत: ही शैक्षिक गुणांक व वरीयता के मुताबिक जिला आवंटन होता है। अभ्यर्थियों को मेरिट जारी होने के बाद वेबसाइट के माध्यम से ही पता चलेगा कि उन्हें कौन-सा जिला आवंटित किया गया है या उनका चयन नहीं हुआ है। पहले चरण में केवल 69 हजार अभ्यर्थियों को ही काउंसिलिंग में मौका दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी पद खाली रह जाते हैं तो दूसरे चक्र में अभ्यर्थी बुलाए जा सकते हैं। जिलों में 3 से 6 जून तक काउंसिलिंग होनी है। इसमें सोशल डिसटेंसिंग का भी ख्याल रखना है लिहाजा इस बार पहले की अपेक्षा ज्यादा टीमें बनाई जा रही हैं।