Monday, March 23, 2020

वीकली टॉप-10 करेंट अफेयर्स घटनाक्रम: 16 मार्च से 21 मार्च 2020 , क्लिक करे और पढ़े

वीकली टॉप-10  करेंट अफेयर्स घटनाक्रम: 16 मार्च से 21 मार्च 2020 , क्लिक करे और पढ़े 




1.विश्व गौरेया दिवस 2020: जानिये भारत में गौरेया की स्थिति

गौरैया भारत में पाया जाने वाला एक सामान्य पक्षी है लेकिन इसे शहरी क्षेत्रों में विलुप्त होने के कगार पर पहुँचा दिया गया है. द नेचर फॉर सोसाइटी ऑफ इंडियन एनवायरनमेंट के संयोजक मोहम्मद दिलावर ने गौरेया की जनसंख्या में तेजी से गिरावट को देखते हुए यह पहल शुरू की.

रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स के एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में अन्य पक्षियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन भारत में गौरैया की संख्या में 60 प्रतिशत की कमी आई है. दुनिया भर में गौरैया की 26 प्रजातियां हैं, जबकि उनमें से 5 भारत में पाई जाती हैं.

2.डीएसी ने भारतीय वायुसेना हेतु 83 स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान की खरीद को दी मंजूरी

रक्षा विभाग (डीओडी) और सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) के कार्यक्षेत्रों के निर्धारण के पश्‍चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की पहली बैठक हुई. इससे बेहतर समन्वय होगा और मामलों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे क्योंकि अधिग्रहण विंग पर कैपिटल अधिग्रहण प्रक्रिया की जवाबदेही है.

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के तहत विमान विकास एजेंसी (एडीए) ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस का स्वदेशी डिजाइन तैयार किया है. इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने निर्मित किया है. यह भविष्य में भारतीय वायुसेना का रीढ़ साबित होगा.

3.Nirbhaya Case: निर्भया को मिला इंसाफ, फांसी पर लटकाए गए सभी दोषी

राजधानी दिल्ली में हुए साल 2012 में निर्भया गैंगरेप कांड में लगभग सवा सात साल के बाद इंसाफ हुआ है. तिहाड़ जेल के फांसी घर में 20 मार्च 2020 को सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई. निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया.

यह पहला मौका है जब तिहाड़ में चार अपराधियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया है. कोर्ट की तरफ से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद फांसी के लिए कई तारीखें तय हुईं, लेकिन दोषी कोई न कोई तिकड़म अपनाकर बच ही जाते थे.

4.जनता कर्फ्यू क्या है? प्रधानमंत्री नें क्यों की जनता कर्फ्यू की अपील

केंद्र सरकार ने 22 से 29 मार्च तक सभी देशों से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक का घोषणा किया है. केवल किसी विशेष परिस्थिति में ही उड़ान की अनुमति होगी. दरअसल, कोरोना वायरस फैलने की चार अलग-अलग स्टेजेस हैं. जिनमें से भारत दूसरी स्टेज में है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 'जनता कर्फ्यू' कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है. उन्‍होंने कहा कि ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा.

5.IHBT के वैज्ञानिकों ने विकसित किया नया सेनिटाइजर, जानें इसकी खूबियां

कोरोना वायरस के हमले के बीच आईएचबीटी ने हाल ही में हानिकारक रसायनों से मुक्त हैंड-सेनिटाइजर की तकनीक विकसित कर इसे बाजार में उतारने की तैयारी कर ली है. कोरोना के विरुद्ध निवारक उपाय और बाजार में बेची जा रही कई नकली सामग्रियों की खबरों के बीच सेनिटाइजर जैसे उत्पादों की माँग बढ़ रही है.

ए.बी. साइंटिफिक सॉल्यूशन्स के पास अपना एक मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क है. यह कंपनी इस हैंड-सेनेटाइजर के व्यावसायिक उत्पादन के लिए पालमपुर में एक केंद्र स्थापित करेगी तथा देशभर के सभी प्रमुख शहरों में सेनिटाइजर और अन्य कीटाणुनाशकों का विपणन करेगी.

6.लोकसभा ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (अमेंडमेंट) बिल-2020 को ध्वनि मत से पारित किया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने निचले सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि गर्भपात की मंजूरी केवल असाधारण परिस्थितियों के लिए है तथा इसके लिए पूरी सावधानी रखी गयी है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की गरिमा, स्वायत्तता तथा उनके बारे में गोपनीयता प्रदान करने वाला है.

लोकसभा में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी विधेयक-2020 पारित हो गया. इसमें गर्भपात की सीमा बढ़ाकर 24 हफ्ते करने का प्रवाधान है. इससे पहले महिलाएं अधिकतम 20 हफ्ते तक ही गर्भपात करा सकती थीं. यह प्रावधान विशेष वर्ग की महिलाओं के लिए किया गया है.

7.सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब नौसेना में भी महिलाओं को मिलेगा स्थाई कमीशन

कोर्ट ने नौसेना में सेवा देने वाली महिला अधिकारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि महिलाएं अधिकारी भी पुरुष अधिकारियों की तरह काम कर सकती हैं. कोर्ट ने कहा कि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए.

सेना में अधिकारियों की कमी पूरी करने के लिए शॉर्ट सर्विस कमिशन शुरू किया गया था. इसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही शामिल किया जाता था. लेकिन स्थाई कमिशन हेतु केवल पुरुष ही आवेदन कर सकते थे. सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी महीने में भारतीय सेना में महिला अधिकारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था.

8.राज्य सभा ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक को दी मंजूरी, जानें विस्तार से

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हाल ही में संसद में कहा कि संस्कृत साहित्य का सबसे बड़ा भंडार और भारत की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसकी एक अलग पहचान है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने समूचे विश्व को संस्कृत के माध्यम से ज्ञान दिया है.

विधेयक तीन विश्वविद्यालयों को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के रूप में उन्नत करने में सक्षम होगा. राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली, श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति की पहचान अब केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में होगी.

9.विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2020: जानिये थीम, पृष्ठभूमि और भारत की भूमिका

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस विश्वभर के देशों द्वारा मानवाधिकारों पर सम्मेलन आयोजित करके और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न तरीकों पर चर्चा आयोजित करके मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अलावा भारत में 24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है.

विश्व में पहली बार भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी द्वारा 15 मार्च 1983 को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया था. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य सहित संयुक्त मार्गदर्शी सिद्धांतों के आधार पर 1986 में लागू किया गया था.

10.यमन, सीरिया में प्रत्येक 10 मिनट में एक बच्चे की मौत: यूनिसेफ रिपोर्ट

यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि यमन और सीरिया के क्षेत्रों में बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं पाई गई हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि डायरिया, संक्रमण और कुपोषण के कारण हर दस मिनट में कम से कम एक बच्चे की मौत हो जाती है.

रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 4,62,000 बच्चे तीव्र कुपोषण की समस्या से पीड़ित हैं. यह भी देखा गया है कि तीव्र कुपोषण 2014 से अब तक लगभग 200 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. यमन को मध्य पूर्व क्षेत्र के सबसे गरीब देशों में से एक माना जाता है और यहां बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति भी बेहद खराब है.